8 दिन, 8 थीम और गरबा का जबरदस्त रंग… धमतरी में फिर सजेगा ‘नवरंग’, युवाओं में बढ़ा उत्साह
धमतरी। शहर में गरबा आयोजन को लेकर युवाओं में एक बार फिर उत्साह बढ़ने लगा है। अलग-अलग संस्थाओं और सामाजिक संगठनों द्वारा गरबा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन ‘नवरंग गरबा’ का युवाओं को खास इंतजार रहता है। इस बार नवरंग गरबा आठ दिनों तक अलग-अलग थीम के साथ आयोजित होगा, जिसमें देशभक्ति से लेकर श्रीराम भक्ति, छत्तीसगढ़ी संस्कृति, 80 के दशक की यादें, गुजराती परंपरा, ब्रज की होली और महादेव की भक्ति तक के रंग देखने को मिलेंगे।
गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नवरंग गरबा आयोजन समिति ने इस वर्ष के आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। आयोजकों ने बताया कि नवरंग गरबा की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। यह वह दौर था, जब कोविड के बाद लोग लंबे समय तक अपने घरों में रहे थे। ऐसे समय में नवरंग शुरू करने का उद्देश्य केवल गरबा आयोजित करना नहीं, बल्कि लोगों को घरों से बाहर निकालकर एक साथ लाना और मां दुर्गा की आराधना के माध्यम से सकारात्मक एवं उत्सवपूर्ण वातावरण तैयार करना था।
आयोजकों के अनुसार पहले ही वर्ष लोगों से मिले प्यार और विश्वास ने नवरंग को आगे बढ़ाने की नई ऊर्जा दी। धीरे-धीरे नवरंग केवल गरबा आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों से जुड़ने और हर वर्ष कुछ नया प्रस्तुत करने का माध्यम बन गया। इस वर्ष नवरंग अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। आयोजकों का कहना है कि पिछले वर्षों से मिली सीख के आधार पर छोटी-बड़ी कमियों को दूर करते हुए इस बार आयोजन को और बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
11 अक्टूबर से शुरू होगा आठ दिवसीय नवरंग गरबा
गुलशन छाबड़िया ने बताया कि इस बार आठ दिनों तक अलग-अलग थीम के साथ गरबा का आयोजन होगा।
11 अक्टूबर — ‘रंग दे बसंती’ थीम:
नवरंग की शुरुआत ‘रंग दे बसंती’ थीम के साथ होगी। सफेद रंग के साथ देश के प्रति उत्साह, जज्बा और देशभक्ति की भावना देखने को मिलेगी।
12 अक्टूबर — ‘हृदय में जिनके सियाराम’:
दूसरा दिन पूरी तरह भगवान श्रीराम को समर्पित रहेगा। ‘हृदय में जिनके सियाराम’ थीम के माध्यम से भक्ति और भारतीय संस्कृति का रंग दिखाई देगा।
13 अक्टूबर — ‘हमर माटी के महक’:
तीसरा दिन छत्तीसगढ़ की अपनी मिट्टी और संस्कृति के नाम रहेगा। ‘हमर माटी के महक’ के जरिए छत्तीसगढ़ की परंपरा, संस्कृति और खूबसूरती को प्रस्तुत किया जाएगा।
14 अक्टूबर — ‘बैक टू द 80s’:
चौथे दिन नवरंग का मंच 80 के दशक की यादों से सजेगा। इस थीम में उस दौर की यादें, अंदाज और ऊर्जा को नए रंग में प्रस्तुत किया जाएगा।
15 अक्टूबर — गुजराती संस्कृति:
पांचवें दिन गुजरात की समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक परिधानों की झलक देखने को मिलेगी। पारंपरिक गुजराती परिधान के साथ आयोजन में अलग ही रंग नजर आएगा।
16 अक्टूबर — ‘ब्रज की होली’:
छठे दिन नवरंग ब्रज की गलियों के रंग में रंगेगा। ‘ब्रज की होली’ थीम के माध्यम से रंग, परंपरा और उत्सव का खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा।
17 अक्टूबर — ‘शिव नगरी’:
सातवां दिन महादेव के नाम रहेगा। ‘शिव नगरी’ थीम में भगवान शिव की भक्ति, ऊर्जा और उनसे जुड़ी संस्कृति को विशेष अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।
18 अक्टूबर — गुजराती रंगों में समापन:
आठवें और अंतिम दिन एक बार फिर गुजराती संस्कृति के रंग देखने को मिलेंगे। पारंपरिक गुजराती परिधान के साथ आठ दिवसीय नवरंग गरबा यात्रा का खूबसूरत समापन होगा।
आयोजन को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आठ दिनों की अलग-अलग थीम के कारण इस बार नवरंग गरबा में हर दिन एक नया रंग और नया अंदाज देखने को मिलने की उम्मीद है।
प्रेस वार्ता के दौरान दीपक लखोटिया, ऋतुराज पवार, गुलशन छाबड़िया, भूमि मूलवानी, रेनू जसूजा, कुणाल सिंह, हेमंत राजपूत, अंकित मंधान, संकेत रोहरा, सारांश केसवानी, आयुष आहूजा, करण सिंह, पीयूष जसूजा, हेमंत लेडवानी, गौरव लोहाना, नमन मिथलेश, हिमाचल मिथलेश, विख्यात सिन्हा, रोहन चक्रधारी, वर्तिका मिन्नी, जगत दीवान सहित अन्य मौजूद रहे।
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