उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया वन धन विकास केन्द्र दुगली

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केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा के हाथों जागृति बालिका स्व सहायता समूह को दिया गया अवॉर्ड
न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत लघु वनोपज के अधिकतम उपार्जन और प्रसंकरण के लिए

धमतरी| वनांचल नगरी के दुगली स्थित वन धन विकास केन्द्र नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में वन धन विकास केंद्र दुगली को उत्कृष्ट कार्य के लिए केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुण्डा के जगदलपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार 27 अगस्त को वन धन विकास केन्द्र दुगली को राष्ट्रीय अवार्ड मिला है।जागृति बालिका स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती अमरीका बाई एवं सचिव कुमारी नारायणी टेकाम ने समूह की ओर से केंद्रीय मंत्री श्री मुंडा के हाथों अवार्ड लिया। इस मौके पर खुशी जाहिर करते हुए अध्यक्ष श्रीमती अमरीका बाई कहती हैं कि अवार्ड मिलने से समूह के सदस्यों का मनोबल बढ़ा है और वे ज्यादा मेहनत कर अपनी आय बढ़ाने और सफलता की दिशा में कदम बढ़ाने और प्रेरित होंगी। समूह के अन्य सदस्य भी इस मौके पर हर्ष और गर्व महसूस करते हुए ज्यादा शिद्दत से काम करने की बात कहे हैं।


गौरतलब है कि वन धन विकास केन्द्र दुगली में क्रियाशील समूहों द्वारा आंवला, तिखुर, शहद, दोना-पत्तल इत्यादि 17 हर्बल उत्पाद का संग्रहण एवं प्रसंस्करण किया जाता है। वन धन विकास केन्द्र में सीजन में आठ से दस समूह कार्य करते हैं, जो कि वनांचल क्षेत्र की महिलाओं का आय का जरिया भी है। यहां समूह द्वारा तीखुर, आंवला और शहद इत्यादि 674 क्विंटल कच्चे माल से 19 लाख 75 हजार रुपए के 114.50 क्विंटल हर्बल उत्पाद का प्रसंकरण किया गया इससे समूह को 5 लाख की आमदनी हुई।


वन मण्डलाधिकारी श्रीमती सतोविषा समाजदार से मिली जानकारी के मुताबिक न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत लघु वनोपज के अधिकतम उपार्जन और प्रसंस्करण करने के लिए ट्राइफेड (ट्रायबल कोपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) के 34 वें स्थापना दिवस को दुगली वन धन विकास केन्द्र को उक्त अवार्ड देने की घोषणा की गई। इसके तहत शुक्रवार को केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्री के हाथों वन धन विकास केंद्र दुगली को उक्त अवार्ड दिया गया। यह अवार्ड मिलने से दुगली के समूह की महिलाओं को ही नहीं बल्कि अन्य वन धन विकास केंद्रों में कार्यरत समूह को भी प्रेरणा मिली है।