शिकार का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना पड़ा भारी, पांच युवक गिरफ्तार

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वन्यजीवों का शिकार करने का आरोप, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

धमतरी । धमतरी जिले के बीरगुड़ी वन परिक्षेत्र में वन्यजीवों का शिकार कर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना पांच युवकों को महंगा पड़ गया। वायरल वीडियो के आधार पर वन विभाग ने जांच शुरू की और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ युवक जंगल में वन्यजीवों का शिकार करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान कांकेर जिले के नरहरपुर क्षेत्र के चार युवकों के रूप में हुई। वन विभाग के अनुसार, आरोपियों ने बीरगुड़ी वन परिक्षेत्र में प्रतिबंधित वन्यजीवों का शिकार किया और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद चारों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि बीरगुड़ी क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा शिकार का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला सामने आया था। जांच के बाद संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। कलेक्टर ने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी वन्यजीवों के शिकार या वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग या जिला प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों का शिकार कानूनन प्रतिबंधित है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वन विभाग का कहना है कि जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जिले में निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आने वाले ऐसे मामलों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि वन्यजीवों के अवैध शिकार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।