मां की कोरोना से मृत्यु के बाद पुत्री को लिपिक के पद पर मिली अनुकम्पा नियुक्ति

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धमतरी | कोविड-19 के प्रकोप का कहर पिछले साल भर इतना ज्यादा रहा, कि अनेक परिवारों के दीपक बुझ गए। कोरोना के संक्रमण से मृत्यु के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधानों में शिथिलीकरण लाया है, जिसके चलते शासकीय सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के परिजनों को तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जा रही है।

शहर के विंध्यवासिनी वार्ड में निवासरत यादव परिवार पर भी कोरोना ने ऐसा कहर बरपाया, जिससे परिवार की एकमात्र कमाऊ सदस्य का निधन हो गया। ऐसे में परिवार के सामने जीवन निर्वाह की समस्या आन खड़ी हुई। अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान में शिथिलीकरण के चलते श्रीमती यादव की पुत्री कु. समीक्षा की तत्काल पदस्थापना संभव हुई। आवेदन करने के हफ्ते भर के भीतर ही उन्हें सहायक ग्रेड-03 के पद पर नियुक्ति मिल गई, जिससे एक परिवार बेसहारा होने से बच गया।
कु. समीक्षा के पिता श्री नेतूराम यादव ने बताया कि उनकी पत्नी श्रीमती धनेश्वरी स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरेंगा (विकासखण्ड धमतरी) में सहायक ग्रेड-03 के पद पर कार्यरत थीं। गत 28 अप्रैल को उनकी पत्नी को हल्के लक्षणों के साथ बुखार और खांसी आई, जिसके बाद एंटीजन व आरटीपीसीआर टेस्ट कराने पर दोनों रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं आया। अंततः एक चिकित्सक की सलाह पर उन्होंने सिटी स्कैन कराया जिसमें श्रीमती धनेश्वरी के फेफड़े का 53 प्रतिशत हिस्सा कोरोना से संक्रमित होने का पता चला। इसके बाद आनन-फानन में शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिला कराया, जहां ब्रेथलेसनेस (आॅक्सीजन की कमी) और फेफड़े के निष्क्रिय होने के कारण 02 मई को उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद तो जैसे परिवार पर आफत का पहाड़ ही गिर पड़ा। परिवार की कमाऊ सदस्य के यूं एकाएक चले जाने से एक ओर पुत्री विनीता और समीक्षा के सिर से मां का साया छिन गया, वहीं पति का जीवन एकाकी हो गया। परिवार आर्थिक संकट के कगार पर आ पहुंचा। श्री यादव ने बताया कि इसी बीच पता चला कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश में कोरोना काल के दौरान हुई मृत्यु पर अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान में शिथिलीकरण किया गया है तथा विभाग से इस हेतु आवेदन मंगाया गया है। श्री यादव ने अपनी छोटी पुत्री समीक्षा की अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन जमा किया। विभाग द्वारा इस पर शीघ्रता से कार्रवाई करते हुए उसकी नियुक्ति सहायक ग्रेड तीन के पद पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमदी में नियुक्ति प्रदान की। बीएससी आईटी की पढ़ाई पूरी कर चुकी कु. समीक्षा को यह नियुक्ति मिलने से यादव परिवार की चिंता ही खत्म हो गई। उन्होंने बताया कि यदि छत्तीसगढ़ सरकार अनुकम्पा नियुक्ति के नियमों में शिथिलता नहीं लाती तो इतनी जल्दी सेवा में आ पाना संभव ही नहीं होता। समीक्षा ने सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उसने सोचा भी नहीं था कि मां के गुजरने के माह भर के भीतर उसे नियुक्ति आदेश मिल पाएगा। प्रदेश सरकार के इस निर्णय ने अनेक परिवारों को बेसहारा होने से बचा लिया। यही उन परिवारों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और वास्तविक संवेदना है।