नूतन उच्चतर माध्यमिक शाला के इकहत्तर बहत्तर साइन्स बैच का धूम धाम से पचास वर्ष बाद रीयूनियन, 50 वर्ष बाद मिले बचपन के सहपाठी

59

 

माडमसिल्ली बाँध में 50 वर्ष बाद दोस्तों का पुनर्मिलन

धमतरी । नूतन उच्चतर माध्यमिक शाला की इकहत्तर बहत्तर साइयन्स बैच का धूमधाम से 50 वर्ष बाद रीयूनियन समारोह सम्पन्न। उन में कुछ मित्र ऐसे जो 50 वर्ष बाद पहली बार मुलाक़ात किए उन दोस्तों की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था सभी बहुत प्रसन्न हुऐ और पुराने स्कूल दिनों के संस्मरण याद किए गए ।इस शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्होने प्रधानाध्यापक शारदा प्रसाद शर्मा जी को भी याद किया वहीं सभी टीचर की चर्चा की गई बायआलॉजी के हिशिकर सर, फ़िज़िक्स की पाण्डे मैडम, केमिस्ट्री के पी के साहू सर , भाषण कविता लिखकर देने वाले हिंदी के तिवारी सर, इंग्लिश के बी ऐल सोनी सर गेम्ज़ टीचर गुप्ता सर सभी को याद कर उनकी सीख समर्पण व अनुशासन से आज सभी सफल हैं ऐसा उन्होंने माना।

इंदौर निवासी दिनेश चन्द्र जायसवाल के धमतरी आगमन पर व उनके पहल पर यह पुनर मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इंदौर से दिनेश जायसवाल अपनी पत्नी संगीता जायसवाल अपने अग्रज सुभाष चन्द्र जायसवाल भाभी सरोज जायसवाल के साथ मौजूद थे, बलौदा बाज़ार से डॉक्टर अजय लोंधे, रायपुर से शरद फ़ौजदार, नीति फ़ौजदार व शरद गुप्ता, दुर्ग से प्रकाश सेठिया, प्रवीना सेठिया धमतरी के गोपाल राव रणसिंग़ (बब्बन), नीता रणसिंग़, दिनेश जाधव, राधा जाधव , प्रदीप गुप्ता , सुधा गुप्ता, मोहन डागा , कमला डागा यह रीयूनियन सपरिवार बहू बच्चों एवं पोतो पोतियों संग़ उत्साह पूर्वक मनाया गया ।

सभी दोस्त धमतरी जायसवाल हाउस में एकत्रित होकर मूरमसिल्ली बाँध के लिए रवाना हुए वहाँ पहुँच कर सभी ने सुबह का नाश्ता कियाऔर रेस्ट हाउस के हॉल में एकत्रित होकर सभी ने अपना अपना परिचय, अपने अनुभव इतने सालों में अपने जीवन से जुड़ी कुछ रोचक घटनाएँ अपनी पत्नी की तारीफ़ अपने परिवार का विवरण दिया अपने जीवन की खट्टी मीठी यादों को सुनाया, पुराने स्कूल के दिनों के संस्मरण याद किए गए ,पुराने शिक्षकों की चर्चा की गई 50 साल पुराने पारिवारिक संस्मरण जिसमें अपनत्व की भावना कूट कूट कर विध्यमान थी याद किए गए सभी ने याद किया की कैसे हम एकदूसरे के घरों को अपना घर समझते थे अपने दोस्तों के माता पिता से भी उतना ही डर लगता था जैसे अपने माता पिता हो इतना अपनापन इतना प्यार आज की पीढ़ी आज के बच्चों में नहीं है ।पुराने दिनो का आनंद लिया गया और पुरानी यादों को फिर से जीया गया ।

यह रीयून्यन बचपन की दोस्ती,निस्वार्थ दोस्ती,सच्ची दोस्ती का शानदार उदाहरण है। सभी ने एक स्वर में बताया कि बचपन स्कूल की दोस्ती ऐसी दोस्ती है जिसे जीवन में हम कभी पुनः पुनर्स्थापित नहीं कर सके , आगे बने दोस्तो से इतना अपनापन व निकटता नहीं स्थापित हो पाई जो बचपन कि दोस्ती थी वही सच्ची और निस्वार्थ दोस्ती थी ।

तत्पश्चात कपल पेपर डान्स सुमित जायसवाल द्वारा कराया गया जिसमें प्रथम कमला मोहन डागा ने प्राप्त किया, दे दनादन लक्ष्मी होऊजी पल्लवी जायसवाल द्वारा कराया गया जिसके विजेता दक्ष सेठिया जो प्रकाश जैन के पौत्र है , नेता जी गुरू जी गेम में डॉक्टर अजय लोंदे विजयी रहे ,काला जादू , ताश के जादू , माइंड रीडिंग मैजिक अमित जायसवाल द्वारा दिखाया गया ।बचपन के खेल लट्टू (भँवरा), कांचा , गुल्ली डंडा का लुत्फ़ उठाया गया उसके बाद भोजन की व्यवस्था थी भोजन पश्चात सभी डेम भ्रमण पर गए जहाँ डैम के पानी के नज़दीक पहुँच कर सभी ने उसका आनंद लिया और याद किया कि पहले सभी साइकल से यहाँ आया करते थे शाम की चाय भूट्टें पकौड़े और दोस्तों की हँसी ठहाकों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ इस उम्र में बचपन फिर से जीना अपने को वापस बचपन में लेकर जाना बहुत ही अच्छा अनुभव था, सभी हर साल इसी तरह मिलने की इच्छा जताई व विदाई ली ।