आंखों के बिना जीवन की कल्पना असंभव, नेत्रदान पखवाड़ा के तहत जिला अंधत्व निवारण समिति द्वारा विविध कार्यक्रम

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धमतरी। 25 अगस्त से 8 सितम्बर तक 36वां नेत्रदान पखवाड़ा के तहत जिला अंधत्व निवारण समिति द्वारा विविध कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। इस दौरान लोगों को नेत्रदान के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन नियमित रूप से जारी है।

आंखों के बिना जीवन की कल्पना असंभव सा लगता है। कोई व्यक्ति यह कल्पना नहीं कर सकता कि बिना नेत्र के लोग अपना जीवनयापन कैसे करते होंगे। इसी का अहसास दिलाने सोमवार को जिला अस्पताल में पत्रकारों के बीच एक रोचक प्रतियोगिता रखी गई। जिसमें सभी के आंखों में पट्टी बांधकर अंकों को निर्धारित स्थान पर लिखने कहा गया। आंखों में जब काली पट्टी बांधी गई तो सबकुछ अंधेरा नजर आने लगा। प्रतियोगियों ने अंदाज से नंबर अंकित किए। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर प्रखर समाचार के डॉ. भूपेन्द्र साहू रहे। द्वितीय स्थान पर संतोष सोनकर और तीसरे स्थान पर शैलेन्द्र नाग, अजय देवांगन और भूपेन्द्र पटवा रहे। राममिलन साहू और दादू सिन्हा ने भी अच्छा प्रयास किया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस खालसा ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य लोगों को इस बात का अहसास दिलाना है कि बिना आंख के कैसे सबकुछ अंधेरा हो जाता है। इसलिए मरणोपरांत नेत्रदान जरूर करें। ताकि किसी को रोशनी दी जा सके। इस दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सूर्यवंशी, सहायक नोडल अधिकारी गुरूशरण साहू, प्रकाश आदि मौजूद थे।