महानदी में अवैध रेत उत्खनन का बड़ा खुलासा, 5 ट्रैक्टर जप्त, खनि निरीक्षक को नोटिस

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ग्राम खरेंगा में संयुक्त कार्रवाई के बाद प्रशासन सख्त, रेत भंडारण स्वीकृति भी निरस्त

धमतरी | धमतरी जिले के ग्राम खरेंगा स्थित महानदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए 05 ट्रैक्टर वाहनों को जप्त किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खनिज विभाग, राजस्व अमला और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

जानकारी के मुताबिक 28 मई को खनिज अमले को सूचना मिली थी कि महानदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के दौरान पूर्व में दफन किए गए कंकाल बाहर निकल आए हैं। शिकायत मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संयुक्त जांच शुरू की।

जांच के दौरान अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में लगे 05 ट्रैक्टर वाहनों को जप्त किया गया। संबंधित वाहन संचालकों के खिलाफ खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण शासन की प्राथमिकता है और जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही प्रशासन ने संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की।

खनि निरीक्षक को शो-कॉज नोटिस

मामले में लापरवाही पाए जाने पर क्षेत्र के खनि निरीक्षक को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। वहीं संबंधित फर्म की गौण खनिज साधारण रेत भंडारण अनुज्ञा स्वीकृति भी निरस्त कर दी गई है। प्रशासन द्वारा कुछ रेत खदानों का सीमांकन भी कराया जा रहा है।

बाहर निकले कंकाल को दोबारा दफनाया गया

कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीणों की भावनाओं और सामाजिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उत्खनन के दौरान बाहर आए कंकाल को प्रशासन द्वारा पुनः सुरक्षित तरीके से दफनाने की व्यवस्था कराई गई।

108 प्रकरण दर्ज, 29 लाख से अधिक की वसूली

खनिज अधिकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के कुल 108 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 29 लाख 51 हजार 560 रुपये की शास्ति राशि जमा कराई जा चुकी है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि अवैध खनिज गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सके।