गंगरेल में आइलैंड कैंपिंग, पानी के बीच टापू पर रोमांचक रात

0

गंगरेल में पहली बार आइलैंड कैंपिंग, 12 पर्यटकों ने लिया रोमांच का अनुभव

धमतरी । छत्तीसगढ़ में अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में धमतरी ने नई पहल की है। गंगरेल बांध के विस्तृत जलक्षेत्र के बीच स्थित एक द्वीप पर पहली बार आइलैंड कैंपसाइट विकसित किया गया है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य, जल पर्यटन, रोमांचक गतिविधियों और स्थानीय संस्कृति को जोड़कर पर्यटकों के लिए नया अनुभव तैयार किया जा रहा है।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में गंगरेल क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के प्रयासों के तहत 17 और 18 सितंबर को टूर ऑपरेटर्स के लिए एफएएम ट्रिप आयोजित की गई। इसमें विभिन्न टूर ऑपरेटर्स ने गंगरेल बांध, जलक्षेत्र, द्वीपों और आसपास के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक परिवेश का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। इसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को धमतरी में विकसित हो रहे नए पर्यटन अनुभवों और संभावनाओं से परिचित कराना था।

करीब 40 मिनट की बोट यात्रा के बाद पहुंचे द्वीप पर

इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए 19 और 20 सितंबर को छत्तीसगढ़ की ट्रैवल कंपनी CampOnce ने गंगरेल के द्वीप पर दो दिवसीय आइलैंड कैंपिंग एडवेंचर आयोजित किया। इसमें छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा और तमिलनाडु से आए कुल 12 पर्यटकों ने हिस्सा लिया।

पर्यटक करीब 40 मिनट की बोट यात्रा के बाद द्वीप पर पहुंचे। जल के बीच नाव से द्वीप तक पहुंचने का अनुभव ही उनके लिए रोमांच की शुरुआत रहा। द्वीप पर पहुंचने के बाद पर्यटकों ने प्राकृतिक वातावरण, शांत जलक्षेत्र और आसपास की जैव विविधता का अनुभव किया।

नाइट कैंपिंग से स्टार गेजिंग तक, कई गतिविधियां

आइलैंड कैंपिंग के दौरान पर्यटकों के लिए नाइट कैंपिंग, ट्रेकिंग, फिशिंग, स्विमिंग, बोनफायर, आउटडोर कुकिंग, बर्ड वॉचिंग और स्टार गेजिंग जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। खुले प्राकृतिक वातावरण में कैंप लगाकर रात बिताने और तारों से भरे आसमान को निहारने का अनुभव पर्यटकों के लिए खास रहा।

रात में शांत जलक्षेत्र के बीच कैंपिंग और खुले आसमान के नीचे बोनफायर ने इस यात्रा को और यादगार बनाया। ओडिशा और तमिलनाडु से पहुंचे पर्यटकों ने गंगरेल के प्राकृतिक सौंदर्य और यहां विकसित किए जा रहे एडवेंचर टूरिज्म में रुचि दिखाई।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं

आइलैंड कैंपिंग जैसी पर्यटन गतिविधियों से पर्यटकों को नया अनुभव देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं। बोटिंग, स्थानीय गाइड, कैंप प्रबंधन, भोजन व्यवस्था, आतिथ्य और अन्य पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।

इसके साथ ही पर्यटकों को स्थानीय समुदाय के जीवन, खान-पान, संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। इससे गंगरेल में पर्यटन को स्थानीय जीवन और प्रकृति से जोड़ने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

प्रकृति संरक्षण के साथ जिम्मेदार पर्यटन पर जोर

गंगरेल में आइलैंड कैंपिंग के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जैव विविधता की सुरक्षा और स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण होगा। प्रकृति आधारित पर्यटन को जिम्मेदारी के साथ विकसित किया जाए तो इससे पर्यटकों के साथ स्थानीय समुदाय को भी दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।

गंगरेल जलाशय, इसके द्वीपों, आसपास के प्राकृतिक परिदृश्य और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को जोड़कर नेचर एक्सप्लोरेशन, रॉ कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और कम्युनिटी टूरिज्म के नए अनुभव विकसित किए जा सकते हैं।

पर्यटन के नक्शे पर गंगरेल को नई पहचान मिलने की उम्मीद

आइलैंड कैंपसाइट की शुरुआत धमतरी में अनुभव आधारित पर्यटन के विस्तार की दिशा में एक नई पहल है। गंगरेल का जल, प्राकृतिक परिवेश और आसपास की सांस्कृतिक विरासत इसे अलग तरह के पर्यटन अनुभव के लिए उपयुक्त बनाती है।

इस पहल के विस्तार से छत्तीसगढ़ के साथ दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी नए आकर्षण विकसित किए जा सकते हैं। गंगरेल अब केवल जलाशय के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति, रोमांच और स्थानीय जीवन से जुड़े पर्यटन अनुभव के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

धमतरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: SBI कियोस्क संचालक पर 1 करोड़ से अधिक के गबन का आरोप, आरोपी गिरफ्तार