
नगरी का बेटा बना एसपी: माहेश्वर नाग ने रचा इतिहास, 23 साल की उम्र में बने थे CISF सब-इंस्पेक्टर
नगरी। धमतरी जिले के नगरी अंचल के लिए गर्व का अवसर है। ग्राम नगरी निवासी माहेश्वर नाग पुलिस विभाग में पदोन्नत होकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) बन गए हैं। वे नगरी अंचल से इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने वाले पहले अधिकारी हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र और साहू समाज में खुशी की लहर है।
वर्ष 1979 में ग्राम नगरी में जन्मे माहेश्वर नाग बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। कक्षा पांचवीं में उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय, माना कैंप में हुआ। इसके बाद उन्होंने रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीएससी तथा विश्वविद्यालय से एंथ्रोपोलॉजी में एमएससी की पढ़ाई पूरी की।
महज 23 वर्ष की आयु में उन्होंने एसएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में सब-इंस्पेक्टर के पद पर चयन प्राप्त किया। हैदराबाद और उदयपुर में सेवाएं देने के बाद वर्ष 2007 में उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर चयन हासिल किया।
अपने पुलिस सेवा काल में उन्होंने एसडीओपी अंबागढ़ चौकी, सीएसपी दल्लीराजहरा, एसडीओपी भानुप्रतापपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कोंडागांव, कवर्धा, एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर, रायगढ़, सारंगढ़ और बस्तर सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। बस्तर में पदस्थापना के दौरान उन्हें पदोन्नति मिली और वर्तमान में वे माना पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
माहेश्वर नाग के पिता अमृत लाल नाग तथा माता तुलसी देवी नाग हैं। उनके बड़े भाई रुद्रप्रताप नाग ने उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। परिवार के साथ-साथ पूरे नगरी अंचल और साहू समाज में भी इस सफलता को लेकर उत्साह का माहौल है।
खेल, संगीत और लेखन में भी रखते हैं विशेष रुचि
प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ माहेश्वर नाग की रुचि फुटबॉल, जिम, गायन और फिल्म कहानी लेखन में भी है। यातायात जागरूकता पर बनाई गई उनकी एक लघु फिल्म को राष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेयर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।





