सार्थक के विशेष बच्चों ने मंच पर जीवंत किए बापू के सत्य-अहिंसा के संदेश

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धमतरी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर सार्थक स्कूल में विशेष बच्चों ने अभिनय, भजन, तीन बंदरों की प्रस्तुति और दांडी यात्रा के माध्यम से गांधीजी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, प्रेम और भाईचारे के संदेश को जीवंत किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेवी रेखा अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि समाजसेवी रजनी बंसल ने गांधीजी के चित्र पर माल्यार्पण कर पांच दीप प्रज्वलित किए। उपस्थित सभी लोगों एवं बच्चों ने ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ भजन प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में स्वच्छता एवं भाईचारे पर आधारित लघु नाटिका विशेष आकर्षण रही। कुलदीप ने गांधीजी और प्राची ने कस्तूरबा गांधी की भूमिका निभाते हुए स्वच्छता का महत्व बताया। एकलव्य ने पुलिस की भूमिका निभाई, जबकि बेबी, रोशन, अर्जुन और राघव ने कचरा फैलाने वालों की भूमिका निभाई। ईशु एवं नेमेश ने आपसी विवाद का दृश्य प्रस्तुत कर प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया।

तीन बंदरों की प्रस्तुति में व्हीलचेयर पर बैठे करण, डॉली एवं दीपाली ने ‘बुरा मत बोलो, बुरा मत सुनो, बुरा मत देखो’ का संदेश दिया। वहीं नमक सत्याग्रह एवं दांडी यात्रा की प्रस्तुति में भारती, प्रीति, श्वेता, देवश्री, मनीषा, विनीत, नेमेश, ईशु, वत्सला, लीकेश, प्रतीक, निखिल एवं मनीष ने तिरंगा और गांधीजी के सुविचारों से सजी तख्तियां लेकर सहभागिता की।
मुख्य अतिथि रेखा अग्रवाल ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए गांधीजी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के विचारों को जीवन में अपनाने की बात कही। विशिष्ट अतिथि रजनी बंसल ने बच्चों के उत्साह और मेहनत की सराहना की। इस अवसर पर रेखा अग्रवाल ने सार्थक स्कूल को सहयोग राशि प्रदान की तथा बच्चों को अपने हाथों से स्वल्पाहार परोसा।

सार्थक अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी ने कहा कि विशेष बच्चों ने अपनी प्रतिभा और सहभागिता से गांधीजी के आदर्शों को मंच पर जीवंत किया। गतिविधियों एवं अभिनय के माध्यम से बच्चों को अच्छे संस्कार और जीवन-मूल्यों से जोड़ना सार्थक स्कूल का निरंतर प्रयास है। कार्यक्रम का संचालन सचिव स्नेहा राठौड़ ने किया। इस अवसर पर सुभाष मालिक, प्रशिक्षक मैथिली गोड़े, देविका दीवान, कौशिल्या यादव, काजल रजक, सुनैना गोड़े, सविता शेख, शकुंतला सोनी एवं प्रेमबती साहू सहित बच्चे और सहयोगी उपस्थित रहे।