समय-सीमा बैठक में योजनाओं एवं विकास कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा

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एग्रीस्टेक के लंबित आवेदनों का एक सप्ताह में निराकरण करने के निर्देश, खाद-बीज की उपलब्धता और गुणवत्ता पर रखें कड़ी निगरानी

धमतरी । मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा (आईएएस) की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन, सेवा सेतु, एग्रीस्टेक, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण कार्यों सहित विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। सीईओ श्री नाहटा ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य पात्र हितग्राहियों और अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी लाभ पहुंचाना है।

किसानों को समय पर मिले गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज

खरीफ सीजन को देखते हुए बैठक में खाद एवं बीज की उपलब्धता की विशेष समीक्षा की गई। सीईओ ने कृषि विभाग को उर्वरक एवं बीज विक्रेताओं के नियमित निरीक्षण, भंडारण की सतत निगरानी तथा किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। कृषि विभाग लगातार मैदानी भ्रमण कर खाद-बीज की उपलब्धता की निगरानी करे तथा किसानों की समस्याओं का मौके पर निराकरण सुनिश्चित करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीफ सीजन में किसानों को कृषि आदानों के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

एग्रीस्टेक के लंबित आवेदनों का एक सप्ताह में करें निराकरण

एग्रीस्टेक शिविरों की विकासखंडवार प्रगति की समीक्षा करते हुए सीईओ श्री नाहटा ने सभी लंबित आवेदनों का अगले एक सप्ताह के भीतर निराकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक के माध्यम से किसानों को तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का लाभ सुगमता और समयबद्ध तरीके से मिलना चाहिए। शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु के प्रकरणों का हो गुणवत्तापूर्ण निराकरण

बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, विभिन्न ऑनलाइन शिकायत पोर्टलों तथा अन्य लंबित शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक समाधान पर आधारित होना चाहिए। साथ ही सुशासन शिविरों में प्राप्त शेष लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। सीएम हेल्पलाइन एवं सेवा सेतु की समीक्षा करते हुए सीईओ ने कहा कि ये शासन और आमजन के बीच विश्वास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनमें प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का निराकरण महज औपचारिकता न होकर नागरिकों की वास्तविक समस्याओं के समाधान की भावना से किया जाए। उन्होंने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए तथ्यात्मक, संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सुशासन समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों का भी समय-सीमा में निराकरण करने तथा मांग संबंधी प्रकरणों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च स्तर पर शीघ्र प्रेषित करने कहा।

वीबी-जी रामजी योजना से जर्जर विद्यालयों के उन्नयन पर जोर

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान सीईओ ने वीबी-जी रामजी योजना के तहत विद्यालयों में आवश्यक अधोसंरचना की स्थिति की अद्यतन जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे जर्जर विद्यालय भवनों को चिन्हांकित कर सूचीबद्ध करने कहा, जहां अतिरिक्त कक्ष अथवा बालिका शौचालय उपलब्ध नहीं हैं या उपलब्ध होने के बावजूद जर्जर स्थिति में हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजना के अंतर्गत प्रस्तावित एवं आवश्यक कार्यों की सूची अद्यतन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं

निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण एजेंसियों को निर्धारित…