एसआईआर के नाम पर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस अपनी हार के वास्तविक कारणों की समीक्षा करे : कविंद्र जैन

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धमतरी । कांग्रेस नेताओं द्वारा एसआईआर को लेकर जगह-जगह किए जा रहे प्रदर्शनों पर भाजपा नेता कविंद्र जैन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को चुनावी हार के लिए बार-बार ईवीएम, चुनाव आयोग या अन्य संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपनी राजनीतिक कमियों और हार के वास्तविक कारणों की समीक्षा करनी चाहिए।

कविंद्र जैन ने कहा कि अब तक 95 से अधिक चुनावों में जनता कांग्रेस को नकार चुकी है। कुछ राज्यों में जनता ने कांग्रेस को अवसर भी दिया है, लेकिन लगातार मिल रही पराजय से सबक लेने के बजाय कांग्रेस हर बार नए बहाने तलाशती नजर आती है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में कथित फर्जी नामों को लेकर सवाल उठे और विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप भी लगे, लेकिन इसके बावजूद जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ में एसआईआर चुनाव से पहले हुआ होता, तो शायद कांग्रेस का 15 सीटों तक पहुंचना भी मुश्किल होता।

भाजपा नेता ने कहा कि 2018 में 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा को छत्तीसगढ़ में हार का सामना करना पड़ा। यदि भाजपा भी कांग्रेस की तरह चुनावी संस्थाओं या एजेंसियों को प्रभावित करने की प्रवृत्ति रखती, तो शायद पार्टी उस समय चुनाव नहीं हारती। लेकिन भाजपा ने हार के बाद बहाने बनाने के बजाय संगठन और सरकार के स्तर पर आत्ममंथन किया, जनता के बीच जाकर वास्तविक कारणों को समझा और कमियों को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इसी प्रक्रिया के बाद 2023 में भाजपा ने छत्तीसगढ़ में सत्ता में वापसी की।

कविंद्र जैन ने कहा कि दोष न तो ईवीएम में है और न ही चुनाव कराने वाली संस्थाओं में। लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है और राजनीतिक दलों को उसे स्वीकार करते हुए अपनी कमियों की समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार को जनता से लगातार मिल रहे समर्थन से कांग्रेस नेतृत्व विचलित दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कभी विदेशी राजनयिकों के कार्यक्रमों के दौरान विरोध-प्रदर्शन करती है, कभी अपनी कथित तुष्टिकरण की राजनीति के जरिए बहुसंख्यक समाज को निशाना बनाती है और कभी विदेश जाकर भारत के लोकतंत्र को लेकर सवाल उठाती है।

कविंद्र जैन ने कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया कि एसआईआर के नाम पर राजनीतिक प्रदर्शन करने के बजाय वे आत्ममंथन करें, जनता के जनादेश का सम्मान करें और यह समझने का प्रयास करें कि आखिर बार-बार जनता का विश्वास क्यों खो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार का समाधान संस्थाओं पर आरोप लगाने में नहीं, बल्कि जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता मजबूत करने और अपनी राजनीतिक कमियों को दूर करने में है।