राज्योत्सव-2026 : समाज कल्याण विभाग की प्रदर्शनी में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, वरिष्ठजनों की देखभाल और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की दिखी झलक

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दिव्यांग कलाकारों की पेंटिंग बनी आकर्षण का केंद्र, राष्ट्रपति से सम्मानित कुरूद के दिव्यांग चित्रकार श्री बसंत साहू की कलाकृति ने आगंतुकों का खींचा ध्यान

धमतरी । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में धमतरी में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में समाज कल्याण विभाग द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से आम नागरिकों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, उनके उद्देश्यों तथा पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई।
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना एवं सुखद सहारा पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही निःशक्तजन छात्रवृत्ति योजना, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय योजना, निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से ऋण सुविधा तथा स्वैच्छिक संस्थाओं को अनुदान जैसी योजनाओं को भी प्रमुखता से दर्शाया गया।
वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित डे-केयर सेंटर (सियान गुड़ी) तथा वृद्धाश्रमों के संचालन की जानकारी भी प्रदर्शनी का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। इन पहलों के माध्यम से बुजुर्गों को सुरक्षित, सहयोगपूर्ण और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को रेखांकित किया गया। वहीं दिव्यांगजनों के पुनर्वास, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने वाली विभागीय गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण दिव्यांग कलाकारों द्वारा तैयार की गई सुंदर एवं कलात्मक पेंटिंग रहीं। इन कलाकृतियों के माध्यम से दिव्यांगजनों की रचनात्मकता, प्रतिभा, आत्मविश्वास और असीम संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कुरूद के राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत दिव्यांग कलाकार श्री बसंत साहू की पेंटिंग विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनकी कलाकृति ने आगंतुकों को प्रभावित किया और यह संदेश दिया कि प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती।
प्रदर्शनी के माध्यम से समाज कल्याण विभाग ने यह संदेश दिया कि शासन की प्राथमिकता समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, विधवा एवं जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना है। राज्योत्सव की यह प्रदर्शनी समावेशी विकास और संवेदनशील समाज निर्माण की दिशा में शासन के प्रयासों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का माध्यम बनी।