
कोरोना काल में क्वारंटीन के लिए दी थी जगह, अब शासकीय कांजी हाउस खाली कराने की मांग; कलेक्टर ने दिए निर्देश
धमतरी। पंचायत शंकरदाह के सरपंच और ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अविनाश मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर शासकीय कांजी हाउस परिसर से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान क्वारंटीन व्यवस्था के लिए मानवीय आधार पर जिस महिला और उसके परिवार को अस्थायी रूप से परिसर में ठहराया गया था, वह आज भी वहीं रह रहा है। इससे कांजी हाउस का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है और आवारा एवं गौवंशीय पशुओं के रखरखाव में परेशानी आ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित महिला मूल रूप से मोहेरा क्षेत्र की रहने वाली हैं। कोरोना संक्रमण के समय बाहर से आने वाले लोगों के लिए शासकीय कांजी हाउस परिसर में अस्थायी क्वारंटीन व्यवस्था बनाई गई थी। उसी दौरान महिला और उसके परिवार को वहां रहने की अनुमति दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि महामारी समाप्त होने के बाद भी परिवार परिसर खाली नहीं कर रहा है, जबकि पंचायत की ओर से कई बार समझाइश और नोटिस दिए जा चुके हैं।
ग्राम पंचायत की सरपंच रमी गौतम ने बताया कि कांजी हाउस शासकीय संपत्ति है, जिसका उपयोग आवारा और गौवंशीय पशुओं को रखने के लिए किया जाता है। परिसर खाली नहीं होने से पंचायत को पशुओं के रखरखाव में दिक्कत आ रही है। कई बार मवेशियों को खुले में रखना पड़ता है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि पंचायत केवल शासकीय संपत्ति को उसके मूल उद्देश्य के लिए उपयोग में लाना चाहती है।
सरपंच ने महिला द्वारा लगाए गए 75 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपों को भी निराधार बताया। उनका कहना है कि पंचायत की ओर से किसी प्रकार की अवैध मांग नहीं की गई है और सभी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
ग्रामीण प्रतिनिधि रामकृष्ण ध्रुव ने बताया कि पंचायत द्वारा कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद परिसर खाली नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता है तो गांव में विवाद की स्थिति बन सकती है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि बारिश के मौसम में यदि परिसर में रह रहे परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी पंचायत और ग्रामीणों पर आ सकती है।

ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर अविनाश मिश्रा से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया और शासकीय कांजी हाउस परिसर को खाली कराने की मांग की। कलेक्टर ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कलेक्टर बोले- पहले वैकल्पिक व्यवस्था, फिर होगी कार्रवाई
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि मामले में तहसीलदार को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बारिश का मौसम है, इसलिए यदि संबंधित महिला के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है तो तत्काल हटाना उचित नहीं होगा। पहले उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, उसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।






