ड्रोन तकनीक से खेती को मिल रही नई दिशा

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दोनर समिति के ड्रोन से कृषक के खेत में किया गया कृषि दवाइयों का छिड़काव

धमतरी | जिले में कृषि कार्यों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा ड्रोन तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में आज प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति दोनर (पैक्स ) में उपलब्ध कृषि ड्रोन के माध्यम से ग्राम ढीमरटिकुर के प्रगतिशील कृषक श्री हरनारायण साहू के खेत में कृषि दवाइयों का छिड़काव किया गया। इस अवसर पर आसपास के अनेक किसान भी उपस्थित रहे और उन्होंने ड्रोन द्वारा किए जा रहे स्प्रे का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

कृषक श्री हरनारायण साहू के पास लगभग 8 एकड़ कृषि भूमि है। तकनीकी कारणों के चलते आज ड्रोन के माध्यम से लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में ही कृषि दवाइयों lemdaclorpid हेक्सागोनजोले एवं जैविक फर्टिलाइजर का सफलतापूर्वक छिड़काव किया जा सका। शेष क्षेत्र में स्प्रे का कार्य तकनीकी समस्या के समाधान के बाद किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों को ड्रोन की कार्यप्रणाली, संचालन तथा इसके उपयोग से होने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई।

कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से कम समय में बड़े क्षेत्र में समान रूप से दवाइयों का छिड़काव किया जा सकता है। इससे श्रम और समय की बचत होती है, दवा की मात्रा नियंत्रित रहती है तथा फसलों पर समान रूप से दवा पहुंचने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।  साथ ही किसानों का रासायनिक दवाइयों के सीधे संपर्क में आना भी कम हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम घटते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने ड्रोन से किए जा रहे छिड़काव को आधुनिक एवं उपयोगी तकनीक बताते हुए इसकी सराहना की। किसानों ने कहा कि यदि यह सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध हो तो खेती की लागत कम करने, समय पर कृषि कार्य संपन्न करने तथा उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। कई किसानों ने आगामी खरीफ एवं रबी सीजन में भी ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं का लाभ लेने की इच्छा व्यक्त की। इस अवसर पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री भिरेंद्र साहू, ड्रोन ऑपरेटर श्री पीयूष साहू, श्री कमल जी तथा कृषक श्री भूषण साहू, श्री खिलेंद्र दीवान, श्री गिरधारी, श्री दुर्जराम एवं श्री कालीराम थे।

उल्लेखनीय है कि जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से कृषि ड्रोन उपलब्ध कराकर खेती को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान नवीन तकनीकों को अपनाकर लागत में कमी लाएं, उत्पादकता बढ़ाएं और कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बना सकें।