“ऑपरेशन तलाश” में धमतरी पुलिस की बड़ी सफलता: एक माह में 74 गुमशुदा मिले, प्रदेश के टॉप जिलों में स्थान

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 थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराना आया काम, “ऑपरेशन तलाश” में धमतरी पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता, प्रदेश के शीर्ष जिलों में शामिल ,एक माह में 74 गुमशुदा व्यक्तियों एवं नाबालिग बालक-बालिकाओं को सकुशल घर पहुंचाकर धमतरी पुलिस ने लौटाई परिवारों की मुस्कान,  नाबालिगों की सुरक्षित बरामदगी से परिवारों में खुशी की लहर – धमतरी पुलिस की संवेदनशील, तत्पर एवं मानवीय कार्यवाही,  पिछले वर्ष भी अप्रैल. माह में होने वाले इस अभियान में किए थे 52 बरामद, इस साल 42% अधिक बरामदगी दर्ज

धमतरी | वरिष्ठ कार्यालय के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में गुमशुदा व्यक्तियों की खोज एवं सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने हेतु “ऑपरेशन तलाश (01अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक)” के अंतर्गत जिलेभर में विशेष सघन अभियान चलाया गया, जिसमें धमतरी पुलिस को उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायक सफलता प्राप्त हुई है। इस अभियान के दौरान मात्र एक माह की अवधि में कुल 74 गुमशुदा व्यक्तियों को दस्तयाब किया गया, जिनमें 62 वयस्क एवं 12 नाबालिग बालक बालिकाएं शामिल हैं। सभी नाबालिगों को सुरक्षित उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया, जिससे परिवारों में खुशी का माहौल व्याप्त है और पुलिस के प्रति विश्वास और भी मजबूत हुआ है। यह अभियान जिले के सभी 14 थानों एवं 02 चौकी की समन्वित, सुनियोजित एवं सतत कार्यवाही का परिणाम है। गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश में प्राप्त सर्वाधिक बरामदगी प्रतिशत के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया, जिसमें प्रभावी कार्यवाही, त्वरित प्रतिक्रिया एवं निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप चौकी बिरेझर ने प्रथम, थाना भखारा ने द्वितीय तथा थाना कुरूद ने तृतीय स्थान अर्जित किया। इन इकाइयों द्वारा प्रदर्शित समर्पण एवं कार्यकुशलता अन्य थानों के लिए प्रेरणास्पद है। अभियान को सफल बनाने हेतु पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा बहु-विभागीय समन्वय को प्राथमिकता दी गई l इसके अनुक्रम में उनके मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, समाज कल्याण विभाग, युवा एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित कर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। इस रणनीति के तहत गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी संकलित कर उनका विश्लेषण किया गया, संभावित स्थानों की पहचान कर सर्च ऑपरेशन चलाए गए, तकनीकी सहायता का उपयोग किया गया तथा अन्य जिलों एवं राज्यों से भी समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की गई। अभियान के दौरान पुलिस टीमों द्वारा सतत फील्ड विजिट, संभावित स्थानों पर दबिश, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ, होटल-लॉज, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं सार्वजनिक स्थलों की जांच के साथ-साथ सोशल मीडिया एवं तकनीकी संसाधनों का भी प्रभावी उपयोग किया गया। विशेष रूप से नाबालिगों के मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए उनकी काउंसलिंग एवं पुनर्वास की दिशा में भी आवश्यक पहल की गई। पुलिस अधीक्षक धमतरी ने इस उल्लेखनीय सफलता के लिए सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की सराहना करते हुए निर्देशित किया कि भविष्य में भी गुमशुदा व्यक्तियों की खोज के प्रति इसी प्रकार गंभीरता, संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गुमशुदगी के प्रकरणों में त्वरित पंजीयन, प्राथमिकता के आधार पर जांच, परिवारजनों से सतत संपर्क तथा सूचना तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाए रखा जाए, ताकि ऐसे मामलों में शीघ्र सफलता प्राप्त हो सके। धमतरी पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि यदि किसी व्यक्ति के गुम होने की जानकारी मिले या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। आमजन का सहयोग ही ऐसे अभियानों की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।