राज्य सरकार एमएसपी का कानून लाने का साहस दिखाये :  शशि पवार

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छग कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक 2020 सरकार ने किसानों के लिये नहीं अपनी आमदनी के लिये लाया है: कविन्द्र जैन

धमतरी | छग की भूपेश सरकार ने आनन-फानन में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया तो छग के किसानों में आस जगी थी कि सरकार किसानों के हित में कुछ बड़ी घोषणा करने वाली हैं परंतु भूपेश सरकार सरकार द्वारा पारित छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक 2020 का किसानों के हितों से कोई लेना देना नही है | यह कहना है भाजपा जिलाध्यक्ष ठा. शशि पवार एवं जिला महामंत्री कविन्द्र जैन का|  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह विधेयक केवल इसलिये लेकर आई ताकि वो किसानों और व्यापारियों को अपने इंस्पेक्टर राज के दायरे में ला सके और जो केंद्र सरकार के नये कृषि कानून से मंडी टैक्स और अन्य व्ययों से किसानों को राहत प्रदान की गई है उन्हें फिर से कानून के दायरे में लाकर उनसे वसूली कर सके। यदि बघेल सरकार वास्तव में किसान हितैषी होती तो राज्य स्तर पर एमएसपी का कानून ला सकती थी जैसा कि पिछले दिनों पंजाब सरकार अपने राज्य में लेकर आई है। बघेल सरकार को अपने विधेयक में ऐसी व्यवस्था देनी थी कि किसान की उपज छत्तीसगढ़ में जो भी खरीदना चाहे उसे एमएसपी या उससे अधिक दाम में ही उपज खरीदना होगा। छग की सरकार ने माना है कि हम केंद्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि कानून के प्रावधानों से कोई छेड़छाड़ नहीं कर रहे हैं परंतु छग सरकार का कोई भी नुमाइंदा यह स्पष्ट  नहीं कर पाया कि नये मंडी विधेयक में किसानो के हित  में  कौन से प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने आगे कहा कि मंगलवार को धमतरी में 7 सूत्रीय मांगों को लेकर जो ट्रैक्टर रैली भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से किसानों ने निकाली उससे छग सरकार के हाथ पैर फूल गये हैं और यदि जल्द ही किसानों की मांग को लेकर सरकार कोई निर्णय नहीं  लेती है तो धमतरी से निकली यह चिंगारी दावानल बनकर पूरे प्रदेश को अपने चपेट में ले लेगी। अन्नदाताओं का अपमान प्रदेश का अपमान है और इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा|