भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिखाया दम हाथों में तख्तियाँ लिये सैकडों स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने सरकार के विरुद्ध किया प्रदर्शन

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धमतरी | प्रदेश में कोरोना महामारी विकराल रूप ले चुकी है। छग की लापरवाह और अदूरदर्शी भुपेश सरकार ने राजधानी में आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट कराया जहां हजारों की संख्या में दर्शक उपस्थित रहे यही कारण है कि शांत हो चुके छग प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर सुनामी बन कर आयी।

देखते ही देखते प्रदेश में संक्रमितों की संख्या लाखों में पहुंच गयी। कोरोना की पहली लहर से सरकार ने कोई सबक नही लिया। साल भर में कोरोना से निपटने का कोई इंतज़ाम सरकार नही करा पायी। स्थिति यह है कि प्रदेश के अस्पतालों में न तो मरीज को रखने की जगह है न इलाज के जरूरी उपकरण है न वेंटिलेटर है न ऑक्सीजन है। यहां तक कि इंजेक्शन और दवा तक सरकार उपलब्ध नही करा पा रही। इंजेक्शन दवाओं से लेकर ऑक्सीमीटर जैसी आवश्यक वस्तुओं की खुल कर कालाबाजारी हो रही है। 20 दिनों से पूरा जिला लॉकडाउन है |

गरीबों को 2 वक़्त की रोटी तक नही मिल पा रही। सरकार ने महामारी के सामने घुटने टेक दिए हैं। कर्ज में डूबी कंगाल सरकार कोरोना से निपटने के लिये कोई फण्ड मुहैया नही करा पा रही। केंद्र सरकार ने प्रदेश को 200 से अधिक वेंटिलेटर प्रदाय किये हैं जिनका उपयोग करने के लिये अस्पतालों में ऑपरेटर नही है। 60 लाख से अधिक डोज वैक्सीन के केंद्र ने दिए हैं। राज्य के जिम्मेदार मंत्रियों के भ्रम में डालने वाले बयानों के चलते लोग टीकाकरण कराने आगे नही आ रहे। केंद्र की सरकार ने गरीब कल्याण निधि के तहत पूर्व में भी 9 महीने तक गरीब जनता को मुफ्त अनाज बांटा अभी फिर से 2 महीने मुफ्त अनाज देने की घोषणा केंद्र की सरकार ने की है।

महिलाओं के जनधन खाते में केंद्र की मोदी सरकार ने पैसे डाले। मुफ्त सिलिंडर दिया। किसी को भी इस विषम परिस्थिति में भूखा न रहना पड़े इसके लिये केंद्र सरकार ने और भारतीय जनता पार्टी ने दिल खोल कर सेवा की। राज्य की भुपेश सरकार ने प्रदेश की जनता की कोई परवाह नही की। कोरोना के नाम से शराब पर सेस लगाकर 400 करोड़ की उगाही की। डीएमएफ फण्ड में 850 करोड़ से अधिक की धनराशि होते हुये भी कोरोना राहत के लिये जिलों को कोई धनराशि नही दी। मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करोड़ो रूपये कहाँ खर्च किये इसका कोई हिसाब भी मुख्यमंत्री के पास नही है। सरकार की इन्ही विफलताओं के खिलाफ प्रदेश भर में शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुआ।

लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुये छोटी छोटी टोलियों में तथा अपने अपने घरों के बाहर हाथों में तख्तियाँ लेकर भाजपा के बड़े नेताओं से लेकर सामान्य कार्यकर्ता तक सभी ने विरोध प्रदर्शन किया।

धमतरी जिले में सैकड़ों छोटी छोटी टोलियों में लगभग 2000 से 2500 कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कुरूद के विधायक अजय चंद्राकर जिलाध्यक्ष ठाकुर शशि पवार धमतरी विधायक रंजना साहू पूर्व विधायक इंदर चोपड़ा रामु रोहरा निरंजन सिन्हा कमलेश ठोकने निर्मल बरडिया कुंजलाल देवांगन कविन्द्र जैन प्रकाश बैस पिंकी शिवराज शाह श्रवण मरकाम महेन्द्र पंडित नेहरू निषाद अर्चना चौबे सरला जैन हेमलता शर्मा रघुनंदन साहू खिलेश्वरी किरण प्रीतेश गांधी नागेन्द्र शुक्ला कालिदास सिन्हा कमल डागा श्याम साहू रवि दुबे भूपेंद्र शाह प्रकाश शर्मा बशीर अहमद अरविंदर मुंडी श्यामा देवी साहू ज्योति चंद्राकर गौकरण साहू रविकांत चंद्राकर नरेश सिन्हा चेतन हिन्दुजा त्रिलोक जैन राजेन्द्र गोलछा नरेंद्र रोहरा भानु चंद्राकर प्रेमलता नागवंशी रामस्वरूप साहू प्रीति कुम्भकार देवकी रात्रे शिवदत्त उपाध्याय मंडल अध्यक्ष विजय साहू मोहन नाहटा कुलेश्वर चंद्राकर मुरारी यदु ऋषभ देवांगन हेमंत चंद्राकर अकबर कश्यप विजय यदु आनंद यदु टेलेश्वर ठाकुर होरीलाल साहू पुष्पेंद्र साहू जिला पंचायत सदस्य दमयंतिन साहू खूबलाल ध्रुव जनपद अध्यक्ष दिनेश्वरी नेताम नगर पंचायत आमदी के अध्यक्ष हेमंत माला नगर पंचायत नगरी की अध्यक्ष श्रीमती आराधना शुक्ला महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती बीथिका विश्वास भाजयुमो अध्यक्ष विजय मोटवानी किसान मोर्चा अध्यक्ष वीरेंद्र साहू पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष नंद यादव अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष इकबाल खोखर अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष महेन्द्र नेताम अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष हरिशंकर सोनवानी नगर पंचायत अध्यक्ष भखारा श्रीमती पुष्पलता देवांगन जनपद उपाध्यक्ष अवनेंद्र साहू हुमित लिमजा नगर पंचायत आमदी उपाध्यक्ष तेजराम साहू नगर पंचायत नगरी उपाध्यक्ष अजय नाहटा महामंत्री नीलेश लुनिया अखिलेश सोनकर पार्षद धनीराम सोनकर दीपक गजेंद्र राजेन्द्र शर्मा बिसेन निषाद प्रकाश सिन्हा श्रीमती नीलू डागा प्राची सोनवानी ईश्वर सोनकर श्यामा साहू श्यामलाल नेताम अज्जू देशलहरे हेमंत बंजारे मिथिलेश सिन्हा रितेश नेताम श्रीमती त्रिवेदी श्रीमती सुशीला तिवारी श्रीमती सरिता असाई अनिता सोनकर मोनिका देवांगन रोहिताश मिश्रा नील पटेल रानू डागा लक्की डागा श्वेता गजपाल चेतन साहू अविनाश दुबे जय हिन्दुजा देवेश अग्रवाल गोविंद ढिल्लन रितिका यादव भेस साहू उमेश साहू आमदी उमानंद कुम्भकार सूरज शर्मा भागवत साहू वीरेन्द्र साहू दौलत वाधवानी पवन गजपाल अमन राव कीर्तन मीनपाल संतोष बल्ला चंद्राकर मिश्री पटेल अमित साहू चंद्रहास जैन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।