पीएम मोदी का विपक्ष पर निशाना, कहा- MSP के नाम पर किया गया किसानों से छल

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बनारस| नए कृषि कानूनों को लेकर लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए किसानों को बरगलाने और उनका वर्षों तक छल करने का आरोप लगाया। देव दीपवली पर वाराणसी में आयोजित एक जनसभा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि छोटे से छोटा किसान भी मंडी से बाहर हर सौदे को लेकर कानूनी कार्रवाई कर सकता है. यानी, किसानों को अब नए विकल्प मिले हैं और धोखे से उसे बचाने के लिए कानूनी संरक्षण भी मिला है. उन्होंने कहा कि नए विकल्प से ही कृषि क्षेत्र का कायाकल्प हो सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि विरोध का आधार भ्रम फैलाकर किया है.

उन्होंने कहा कि ये वही लोग है जिन्होंने किसानों के साथ वर्षों तक छल किया है. पीएम मोदी ने कहा कि एमएसपी पर किसानों के साथ वर्षों तक छल किया गया. किसानों के नाम पर कर्जमाफी को लेकर छल किया गया. किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित होती थी लेकिन वो पैसा पहुंचता ही नहीं था. उन्होंने कहा कि भ्रम को आधार बनाकर दुष्प्रचार फैलाया गया कि ऐसा हो सकता है, वैसा हो सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के बैंक खाते तक पैसे पहुंचे उसका हमने प्रबंध किया. उन्होंने कहा कि अगर दाल की पॉलिसी की बात करें तो 2014 से पहले के 5 सालों में 650 करोड़ की ही दाल MSP पर खरीदी गई थी, लेकिन हमने पांच सालों में करीब 49,000 करोड़ यानी करीब 50 हजार करोड़ की दालें एमएसपी पर खरीदी है. यानी, 75 गुणा की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले के पांच वर्षों के दौरान यानी यूपीए-2 के दौरान एमएसपी की दरों पर 2 लाख करोड़ की धान की खराददारी की गई. जबकि, 2014 के बाद पांच वर्षों के दौरान 5 लाख करोड़ की एमएसपी रेट पर धान की खराददारी की गई. पीएम ने कहा कि 2014 से पहले के पांच वर्षों के दौरान यूपीए-2 सरकार में किसानों को MSP रेट गेंहूं का मात्रा डेढ लाख करोड़ रुपये मिला, जबकि 2015 के बाद पांच वर्षों के दौरान तीन लाख करोड़ रूपये की एमएसपी पर खरीद की गई, जो की दोगुनी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देव दीपवली के मौके पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा कर 6 लाइन के हाइवे का लोकर्पण किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि इस हाइवे के चौड़ा होने से काशी और प्रयाग के बीच का आना-जाना अब और आसान हो गया है. उन्होंने कहा का कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों और क्षेत्र के लोगों को जो परेशानी होती थी अब वह भी समाप्त हो जाएगा। इतना ही नहीं, इसका लाभ कुंभ के दौरान भी मिलेगा.