
धमतरी | एसपी धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन एवं उपस्थिति में आयोजित कार्यशाला एवं प्रशिक्षण सत्र, सीसीटीवी एवं डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर, सायबर एवं आईटी विशेषज्ञों ने दिया सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रश्नोत्तरी सत्र और उपकरण प्रदर्शनी का भी आयोजन, प्रश्नोत्तर सत्र में 4 कर्मियों को अच्छे जवाब के लिए ईनाम वहीँ 3 को सजा भी , नवीन कानूनों अंतर्गत अपराध अनुसंधान को अधिक वैज्ञानिक, सटीक एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में धमतरी पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन एवं उपस्थिति में दिनांक 16 जून 2026 को कम्पोजिट भवन धमतरी में आईएसएस (Investigation Support System) प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।, प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के समस्त थाना एवं चौकियों से चयनित विवेचक अधिकारी एवं पुलिस कर्मचारी शामिल हुए।वर्तमान समय में अपराधों के बदलते स्वरूप तथा डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में डिजिटल साक्ष्यों के महत्व, उनके विधिसम्मत संकलन, संरक्षण एवं विश्लेषण की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला का मुख्य फोकस सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर/एनवीआर सिस्टम, मोबाइल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग पर रहा। प्रशिक्षण के दौरान सायबर एवं आईटी एक्सपर्ट श्री आशुतोष दुबे एवं उनकी टीम द्वारा प्रतिभागियों को डिजिटल एविडेंस की बढ़ती उपयोगिता, घटनास्थल से प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संग्रहण, सीसीटीवी फुटेज के संरक्षण, डेटा रिकवरी, तकनीकी विश्लेषण तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में उनकी स्वीकार्यता एवं उपयोगिता के संबंध में विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न डिजिटल उपकरणों के संचालन एवं उनसे साक्ष्य प्राप्त करने की प्रक्रिया का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि आज अधिकांश गंभीर अपराधों के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में विवेचना अधिकारियों का तकनीकी रूप से प्रशिक्षित एवं अद्यतन जानकारी से लैस होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे अपराधों की त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार ने अपने उद्बोधन में कहा कि “आधुनिक पुलिसिंग में डिजिटल साक्ष्य अपराध अनुसंधान का मजबूत आधार बन चुके हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे विवेचना के दौरान व्यवहारिक रूप से लागू करना है। जब तकनीक और अनुभव का समन्वय होगा, तभी अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता और सफलता दोनों में वृद्धि होगी।”उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं तकनीकी कौशल का अधिकतम उपयोग अपने दैनिक विवेचना कार्यों में करें, ताकि प्रत्येक प्रकरण की जांच अधिक गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं साक्ष्य-आधारित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि धमतरी पुलिस आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपराध नियंत्रण एवं अनुसंधान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।धमतरी पुलिस द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जा रहे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ जिले में वैज्ञानिक, तकनीक आधारित एवं परिणाममुखी पुलिसिंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह प्रशिक्षण कार्यशाला भी पुलिस बल की तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करने तथा अपराध विवेचना में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। उक्त कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री शैलेन्द्र कुमार पांडेय,नगर पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक चतुर्वेदी, डीएसपी श्री भानूप्रताप चंद्राकर, डीएसपी सुश्री मोनिका मरावी, डीएसपी सुश्री मीना साहू, डीएसपी श्री यशकरण दीप ध्रुव, रक्षित निरीक्षक श्री दीपक शर्मा सहित जिले के पुलिस अधिकारी, विवेचकगण एवं अन्य पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे।






