गौमाता को रोककर छेकने की नही चारा-पानी की है आवश्यकता-विजय मोटवानी रोका-छेका पर भाजयुमो ने उठाया प्रश्नचिन्ह

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नरवा -घुरवा -बाड़ी दम तोड़ दीस संगवारी-अविनाश दुबे
धमतरी | प्रदेश सरकार द्वारा 1 जुलाई से गांव गांव में चालू किए जा रहे हैं रोका-छेका अभियान पर लोहरसीग, रत्नाबांधा ,मुजगहन, पोटियाडीह ,खरतुली ,परसतराई ,डोडकी ,शंकरदाह के गौठानो मे पंहुचकर वस्तुस्थिति का जायजा लेते हुवे प्रश्नचिन्ह उठाते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष विजय मोटवानी ने कहा है कि गौ माताओं को छेकने के लिए कोई बाढ य दीवार की आवश्यकता नहीं है यदि वे जीवनदायिनी किसी जरूरत की मोहताज हैं तो चारा व पानी की श्री मोटवानी ने आगे कहा है

कि सरकार गैस योजना नरवा घुरवा बाड़ी को अपना मिशन बताती थी वह पूर्णता दम तोड़ दी है वही अब रोका-छेका अभियान भी मात्र एक औपचारिकता रह गई है क्योंकि गांव गांव में बने हुए गठन सुविधाओं के अभाव में तहस-नहस हो गए हैं ना वहां जा रहा है ना वहां पर नहीं है कीचड़ से होने के कारण अनेक मवेशी बीमार हो जाते हैं जिसके उपचार किए जाने के लिए भी कोई सुविधाओं के ना होने से पशुधन नष्ट हो रहा है उक्त अभियान की विफलता के लिए युवा मोर्चा के कार्यकर्ता घुटनों में जाकर वास्तविकता को जनता के सामने लाएंगे तथा किसानों को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए गौ माता की रक्षा तथा पशुधन को संरक्षित व संवर्धित करने के लिए महती पहल भी करेंगे। युवा मोर्चा के महामंत्री गण अविनाश दुबे तथा चेतन साहू ने भी कहा है कृषि के क्षेत्र में भूपेश बघेल की सरकार मात्र खानापूर्ति कर रही है यदि वास्तव में वह किसानों की हिमायती बनती है तो गर्मी के फसल से उपजे धान में अतिरिक्त राशि देकर अविलंब किसानों की भरपाई करते हुए उनसे न्याय करें भूल भुलैया की योजनाएं नरवा घुरवा बाड़ी के बाद रोका छेका जैसे हमारी सांस्कृतिक शब्दों का उपयोग कर गांव की परंपरा सभ्यता उसे समाहित किसानों की भावनाओं को आहत करने का कुत्सित प्रयास बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है।