कोरोना के खिलाफ मास्क ही सुरक्षा कवच: डाॅ. ओपी सुंदरानी

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रायपुर | कोरोना संक्रमण के इस दूसरे दौर में फिलहाल हम सबको तीन आसान उपाय ही बचा सकते हैं।अगर ईमानदारी से इनका पालन किया जाए तो संक्रमण से बचा जा सकता है। मेकाहारा के विशेषज्ञ चिकित्सक डाॅ ओपी सुंदरानी का मानना है कि जब डाॅक्टर आईसीयू जैसी अति संक्रमित जगह में रहकर कोरोना संक्रमितों का इलाज करते हुए भी सुरक्षित रह सकते हैं तो आम जनता आसानी से कुछ सुरक्षा उपाय अपना कर बच सकती है। इस समय भीड़ वाली जगहों से बचना, अनावश्यक लोगों से न मिलना, दो गज की सुरक्षित दूरी का पालन करना और हाथ साबुन पानी से धोते रहना अत्यंत आवश्यक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि यदि 90 प्रतिशत तक आबादी मास्क सही ढंग से नाक और मुंह ढंकने लगे तो बीमारी नही फैलेगी। अभी सामान्य सी लापरवाही भी जान पर भारी पड़ रही है। एक सर्वेक्षण में कुछ लोगों ने कहा कि मास्क लगाने से सांस लेने में कठिनाई होती है। अगर ये लोग आईसीयू में पहुंच गए तो वेंटिलेटर पर कैसे रहेंगे। कुछ लोगों ने कहा कि हमको सांस की तकलीफ है इसलिए मास्क नही पहन सकते। चिकित्सक कहते हैं कि ऐसे लोगों को तो और अधिक मास्क पहनने की जरूरत है। कुछ लोग ये कहते हुए पाए गए कि हमने प्रिवेन्टिव दवाई खा ली, जो कि सही जानकारी नही है। अनुसंधान में कई बार यह जानकारी आई कि जिन संक्रमितों ने मास्क पहना और लोगों के संपर्क में आए,उनसे दूसरे लोग संक्रमित नही हुए , जबकि उनके घर के लोग संक्रमित हुए क्योंकि घर में उन्होने मास्क नही पहना था।

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