कलेक्टर जे.पी.मौर्य ने मितानिन किट के संबंध में दी बारिकी से जानकारी

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धमतरी | कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मितानिन किट एक कारगर उपाय साबित हो रहा है। इसके मद्देनजर कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने मितानिन किट, उसके उपयोग, वितरण और जागरूकता के संबंध में जिले की मितानिन दीदीयों से अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मितानिन दीदी को पर्याप्त मात्रा में मितानिन किट उपलब्ध कराए गए हैं। इस किट में कुल छः प्रकार की दवाइयां रखी गई हैं। इन दवाओं में पहली इन्वरमेक्टिन जो प्रोफाइलेक्टिक दवा है, दूसरी डायसोसाक्लिन दवा जो एंटीवायरस और एंटीबैक्टीरियल है, तीसरी सेट्रिजिन जो गले में खराश के लिए है, चौथी दवा पेरासिटामोल जो बुखार आने पर समय-समय पर दी जाती हैं। पांचवीं विटामिन सी तथा छठवीं विटामिन डी की दवा भी शामिल है। इन छः दवाओं को मिलाकर मितानिन किट तैयार किया गया है।
इन दवाओं का उपयोग और सेवन के तरीके के बारे में कलेक्टर ने बताया कि मितानिन किट में दवाओं के उपयोग के बारे में लिखा गया है। अगर नहीं लिखा है तो ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से दवाओं को लेने की विधि के बारे मितानिन दीदी जानकारी ले सकतीं हैं। उन्होंने ए-4 साईज के पेपर में प्रिंट आउट लेकर, जिस लिफाफे में किट मरीज को दी जाएगी, उसमें एक पॉम्पलेट भी रखने का सुझाव दिया है, जिसमें दवा का सेवन कैसे किए जाने संबंधी जानकारी हो। उन्होंने यह सुझाव भी दिया है कि इस पाम्पलेट में दवाइयों के संबंध में हिन्दी में लिखा जाए, ताकि कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी इसे पढ़कर दवा का सेवन सही तरीके से कर सके। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि मितानिन किट में जो भी दवाइयां दी गई है, वह ऐसे व्यक्तियों को प्रदाय की जानी है, जिनका कोरोना जांच पॉजिटिव अथवा जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के लक्षण में-सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द, पतला दस्त, सांस लेने में तकलीफ आदि सम्मिलित हैं। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति जिनका ऑक्सीजन लेवल 93 प्रतिशत से कम है तो उन्हें मितानिन किट की दवाई दी जानी चाहिए। सिम्टोमेटिक अथवा लक्षण वाले व्यक्ति, मरीज के क्लोज फैमिली कॉन्टेक्ट में आने वाला उसका रिश्तेदार को भी यह दवाई दी जा सकती है। इस तरह मितानिन किट की दवाइयां कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति, होम आइसोलेटेड तथा होम आइसोलेशन में मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति, कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले व्यक्ति को दी जा सकती है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत में यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, बुखार अथवा कोरोना संबंधी कोई भी लक्षण दिखे, तो उसे मितानिन किट की दवा दी जा सकती है।
कलेक्टर ने मितानिन दीदीयों को अपने अपील में संबोधित करते हुए आगे कहा है कि कई लोगों द्वारा इस बात पर प्रश्न उठाया जा सकता है कि क्या मितानिन दीदी इन दवाइयों को देने में सक्षम है? इस बात को स्पष्ट करते हुए कलेक्टर ने कहा है कि मितानिन किट विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा तय की गई है और उनके द्वारा ही सुझाई गई है। दवाई का सेवन किस तरह करना है, यह पॉम्पलेट में भी लिखा रहेगा। अतः यह दवाइयां पूरी तरह सुरक्षित है और मितानिन दीदी के किट से इन दवाओं का सेवन किया जा सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि मितानिन किट का वितरण काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने मितानिन दीदीयों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमण फैल चुका है, तो मितानिन किट लक्षण वाले घरों में पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच एवं सचिव की सहायता ली जा सकती है। उन्होंने मितानिन दीदीयों को हिदायत दी है कि संक्रमण वाले क्षेत्र में मितानिन किट वितरण करने जाते वक्त तथा लक्षण वाले और होम आइसोलेशन वाले व्यक्ति से मिलते वक्त दो लेयर के कपड़े के मास्क पहनकर जाएं, कम से कम छः फीट की दूरी से मितानिन किट दें तथा इसका सेवन कैसे किया जाना है, विस्तारपूर्वक समझाईश भी दें। ऐसे व्यक्ति जिन्हें मितानिन किट की दवाइयां दी जा रहीं हैं और उन्हें सांस लेने में तकलीफ है, तो तत्काल ग्राम पंचायत में स्थित कोविड नियंत्रण कक्ष में कॉल किया जाए, ताकि उनके ऑक्सीजन लेवल की जांच की जा सके।
मितानिन किट की दवाइयों के उपयोग और उनके फायदे पर प्रकाश डालते हुए कलेक्टर ने बताया कि यह दवाई ऐसे व्यक्तियों को दिया जाता है, जिन्हें कोरोना संक्रमण के प्रारंभिक लक्षण हैं। इस किट की दवाइयों की शुरूआत करने के साथ ही, इसमें प्रोफालिक्टिक दवा है, जो संक्रमण के स्तर को कम करता है और हमारे शरीर के एंटीबॉडी को कोरोना से लड़ने के लिए तैयार करता है। इसके अलावा यदि हमारे शरीर में कोई दूसरा इन्फेक्शन हो गया है, तो उसके लिए भी इसमें दवाईयां हैं। यदि बुखार है, तो इसे कम करने के लिए भी दवा है। हमारे इम्यूनिटी अथवा प्रतिरोधी क्षमता को पुनरीक्षित करने के लिए इसमें विटामिन्स की भी दवा है। ऐसे मरीज जिनकी मृत्यु हुई है, इस बारे में कलेक्टर ने कहा कि मृत्यु के मूल कारणों का विश्लेषण करने पर पाया गया कि ज्यादातर मरीजों की मृत्यु लक्षण छुपाने, झोलाछाप डॉक्टरों की दवा खाने अथवा अपनी मर्जी से मेडिकल स्टोर से दवा लेकर सेवन करने की वजह से हो रही है। मरीज को संक्रमण का पता नहीं चलता और सात-आठ दिन बाद उसे सांस लेने में तकलीफ होती है, तो वह रिपोर्टिंग करता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। इस कारण मितानिन किट की दवाइयों का उपयोग लक्षण आने पर बिना कोविड रिपोर्ट के इंतजार किए शुरू कर देना चाहिए।
कलेक्टर ने कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति को मिशन मोड में मिलकर इस कार्य को करना है। इसमें मितानिन दीदी, सरपंच, पंच, युवा वर्ग की सहायता ली जा सकती है। ऐसी मितानिन दीदी जिनके पास मितानिन किट नहीं है, वह बीएमओ से सम्पर्क कर मितानिन किट प्राप्त कर सकतीं हैं। साथ ही मितानिन किट के वितरण की सूचना ग्राम पंचायत के कोविड सेंटर में भी प्रदाय की जाए। कलेक्टर ने कहा है कि मितानिन किट का वितरण शत-प्रतिशत कर दिया जाता है, तो निश्चित तौर पर संक्रमण की कड़ी अथवा इलाज कराने में जो देरी होती है, इसे रोकने में सहयोग मिलेगा। इसका परिणाम यह होगा कि संक्रमण की दर तो कम होगी ही साथ ही मरने वालों की संख्या भी कम होगी। उन्होंने मितानिन दीदीयों से अपील की है कि वे कोरोना संक्रमण की दर कम करने लोगों को जागरूक करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।