कलाकारों को आर्थिक प्रोत्साहन देने आवश्यक कदम उठाए सरकार: रंजना साहू

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धमतरी | पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध में जब स्थानीय लोक कला व सांस्कृतिक धरोहर के समक्ष टिके रहने पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है, ऐसे में हमारी कला, सभ्यता, संस्कृति को साधना के रूप में पूजा करने वाले साधकों को सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन की अति आवश्यकता है। इस मर्म को समझते हुए विधायक रंजना डिपेन्द्र साहू ने प्रदेश के संस्कृति विभाग को पत्र लिखकर मांग की है कि छत्तीसगढ़ की परंपरा व संस्कृति को विभिन्न विधाओं के माध्यम से सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए उन्हें एक विशिष्ट पहचान देने वाले कलाकारों को प्रोत्साहित कर सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित व संवर्धित करने हेतु आवश्यक कदम उठाया जाए। गौरतलब है कि लोक कलाकारों का एक प्रतिनिधिमंडल ने विगत दिनों रंजना साहू से मुलाकात कर मांग की थी कि कलाकारों को भी पेंशन की पात्रता प्रदान करने हेतु आवश्यक पहल की जाए | इन कलाकारों ने शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे पल्स पोलियो, कुष्ठ रोग, साक्षरता, कुपोषण, गरीबी उन्मूलन को लोकगीत के  माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया, लेकिन उम्र के अंतिम पड़ाव में कई कलाकार आर्थिक विपन्नता के कारण ठगा महसूस कर रहे है। इन्होंने छतीसगढी गीत, पडंवानी, नाचा-गम्मत, बांसगीत,सुआ, पड़की, भरथरी जैसी विधाओ को जीवंत बनाये रखने  में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर किया है। उनमें परेवाडीह के ढेलू राम सेन तथा बलियारा के कपिल राम साह सम्मलित है। उन्हें उम्र के अंतिम पड़ाव में आर्थिक सहायता की दरकार है | विधायक रंजना साहू ने त्वरित कदम उठाते हुए अपने स्तर पर आवश्यक पहल की है।