अक्षय तृतीय के पहले ग्राम स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कर रहीं ग्रामीणों को जागरूक,बाल विवाह रोकने वाॅल राइटिंग के जरिए किया जा रहा प्रचार-प्रसार

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धमतरी | बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के तहत जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। शुक्रवार 14 मई को अक्षय तृतीया पर्व के अवसर पर बाल विवाह को रोकने विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई गई तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसके अलावा वाॅल राइटिंग के जरिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीणों को जागरूक करने की कवायद कर रही हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास  एमडी नायक ने बताया कि जिला स्तर पर बाल विवाह रोकने समिति गठित की गई है जिसमें जिला बाल संरक्षण अधिकारी, संरक्षण अधिकारी (संस्थागत एवं गैर संस्थागत), विधि सह परिवीक्षाधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, श्रम पदाधिकारी सहित संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी सम्मिलित हैं। उन्होंने बताया कि बाल विवाह आयोजित होने की शिकायत प्राप्त होती है तो इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07722-232070 पर अथवा मोबाइल नंबर 9753240549 पर दी जा सकती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह कुप्रथा को रोकने एवं लोगों को जागरूक करने ग्राम स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा दीवार लेखन एवं गृह भेंट की जा रही है, साथ ही ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं इसके कानूनी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा पूर्व में रैली निकालकर तथा पाम्फलेट के जरिए ग्रामीणों को जागरूक करने का प्रयास किया जाता रहा है। इसी क्रम में धमतरी विकासखण्ड धमतरी विकासखण्ड के ग्राम गागरा, उड़ेना एवं सेनचुआ की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अक्षय तृतीया पर्व के पहले वाॅल राइटिंग के जरिए ग्रामीणों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दे रही हैं एवं गृहभेंट कर पालकों को समझाइश भी दी जा रही है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री आनंद पाठक ने बताया कि उक्त अधिनियम के तहत यदि कोई बाल विवाह आयोजित करता है अथवा करने प्रयास करता है या उसमें शामिल होता है तो दो साल की कैद एवं एक लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि बाल विवाह का आयोजन की जानकारी मिलने पर तत्काल उपरोक्त दूरभाष नंबर पर सम्पर्क कर जानकारी दें, ताकि उक्त कुप्रथा के विरूद्ध सख्ती से कानूनी कार्रवाई की जा सके।
क्रमांक-45/169/सिन्हा