कलेक्टर के निर्देश पर उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण, तीन केंद्रों में मिली अनियमितताएं

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स्टॉक रिकॉर्ड में गड़बड़ी, कैश मेमो नहीं देने सहित कई खामियां उजागर; प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

धमतरी । खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर बीते 26 जून को राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान तीन कृषि केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर मौके पर पंचनामा तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई की गई। निरीक्षण में ग्राम कोलियारी स्थित हर्षिका कृषि केंद्र, ग्राम अर्जुनी स्थित अंगारमोती कृषि केंद्र तथा तहसील मगरलोड के ग्राम बोरसी स्थित साहू कृषि केंद्र में स्टॉक पंजी एवं पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा स्टॉक पंजी अद्यतन नहीं था, वितरण पंजी में किसानों के हस्ताक्षर नहीं मिले, किसानों को कैश मेमो जारी नहीं किया जा रहा था तथा निर्धारित विक्रय दर का बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं किया गया था। इन सभी मामलों को गंभीर मानते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की। वहीं ग्राम खरेंगा स्थित पुरुषोत्तम कृषि केंद्र, ग्राम सम्बलपुर के कृषि केंद्र तथा ग्राम कुहकूहा स्थित चंद्राकर कृषि केंद्र के निरीक्षण में पीओएस मशीन के रिकॉर्ड, भौतिक स्टॉक तथा अभिलेख संतोषजनक पाए गए। इन केंद्रों पर आवश्यक सूचनाएं एवं निर्धारित विक्रय दर का प्रदर्शन भी नियमानुसार किया गया था। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में उर्वरकों के भंडारण, विक्रय एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण जारी रखने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।