
स्कूली विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को साइबर फ्रॉड, यातायात नियम, नशामुक्ति एवं डायल-112 की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी , “सजग नागरिक – सुरक्षित समाज” के संदेश के साथ धमतरी पुलिस ने युवाओं को कानून पालन एवं सामाजिक जिम्मेदारी के लिए किया प्रेरित
धमतरी | पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले में सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी बनाने तथा आमजन एवं युवाओं को कानून, सुरक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार जन-जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस चौकी बिरेझर द्वारा ग्राम करगा स्थित हाई स्कूल में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा उपस्थित ग्रामीण नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी शेयर करने के दुष्परिणाम, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसके साथ ही यातायात नियमों के पालन का महत्व बताते हुए हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में नशा मुक्ति पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को शराब, गांजा, नशीली दवाइयों एवं अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में डायल-112 सेवा का उपयोग कैसे करें, किन परिस्थितियों में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है तथा पुलिस की त्वरित सहायता प्रणाली के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई | धमतरी पुलिस ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों से अपने परिवार एवं समाज में भी इन जानकारियों को साझा करने तथा स्वयं जागरूक बनकर दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। धमतरी पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, जागरूकता एवं विश्वास का वातावरण स्थापित करना भी है। इसी उद्देश्य से जिले में सामुदायिक पुलिसिंग एवं जन-जागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे।






