
VSK ऐप की तकनीकी खामियों पर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, वेतन कटौती के आदेश का कड़ा विरोध
शिक्षक उपस्थिति पंजी से सत्यापन किया जाए – डॉ. भूषणलाल चंद्राकर
क्या अब शाला के शिक्षक पंजी में ऑफलाइन उपस्थिति अनिवार्य नहीं है? क्या कक्षा अध्यापन करते हुए माहभर विषय का अध्यापन कराने का कोई औचित्य नहीं?
धमतरी। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला धमतरी के जिला अध्यक्ष डॉ. भूषणलाल चंद्राकर ने डीपीआई द्वारा वीएसके (VSK) एप से ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन आहरण करने एवं कम उपस्थिति पर वेतन काटने के जारी निर्देश का कड़ा विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि यह आदेश पूर्णतः गलत है, क्योंकि वर्तमान में पूरे प्रदेश में वीएसके एप तकनीकी त्रुटियों से जूझ रहा है।
डॉ. चंद्राकर ने कहा कि वीएसके एप में सही उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है। कहीं लोकेशन की समस्या है, कहीं दूरी बताने में त्रुटि आ रही है तो कहीं नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। इन तकनीकी खामियों के कारण शाला प्रारंभ होने के पूर्व विद्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों की भी उपस्थिति समय पर दर्ज नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वीएसके एप की तकनीकी त्रुटियों को दूर किए बिना तथा शाला में संधारित शिक्षक उपस्थिति पंजी का सत्यापन किए बिना शिक्षकों का वेतन काटने का फरमान पूरी तरह अनुचित है और छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन इसका घोर विरोध करता है।
डॉ. भूषणलाल चंद्राकर ने डीपीआई से सवाल किया कि क्या अब शाला के शिक्षक उपस्थिति पंजी में ऑफलाइन उपस्थिति अनिवार्य नहीं है? यदि शिक्षक प्रतिदिन विद्यालय पहुंचकर कक्षाओं में अध्यापन कर रहे हैं, माहभर विषय पढ़ा रहे हैं और उपस्थिति पंजी में नियमित हस्ताक्षर भी कर रहे हैं, तो केवल वीएसके एप में तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर वेतन काटने का क्या औचित्य है?
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश शिक्षकों ने अपने निजी मोबाइल में निजी डेटा की सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के बावजूद वीएसके एप डाउनलोड किया हुआ है। इसके बावजूद शिक्षकों की लंबे समय से यह मांग रही है कि वीएसके एप के स्थान पर पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक ऑनलाइन अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की जाए।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. भूषणलाल चंद्राकर, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक, बलराम तारम, श्रीमती सविता छाटा एवं बी. यदु ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षक बायोमेट्रिक ऑनलाइन अटेंडेंस का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन जिस प्रकार से वीएसके एप में अनुपस्थिति दर्शाकर वेतन काटने का दबाव बनाया जा रहा है और डीपीआई द्वारा आदेश जारी किया गया है, उसकी संगठन कड़ी निंदा करता है।
उन्होंने शासन से मांग की कि प्रदेश के सभी शिक्षकों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से दर्ज की जाए, ताकि तकनीकी समस्याओं के कारण किसी भी शिक्षक को नुकसान न उठाना पड़े।
उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के सैकड़ों विद्यालय ऐसे हैं जहां नेटवर्क की समस्या बनी हुई है और वहां वीएसके एप ठीक से कार्य नहीं कर रहा है। ऐसे विद्यालयों के लिए शासन ने बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज करने का निर्णय लिया है। यदि यह व्यवस्था कुछ विद्यालयों में लागू की जा सकती है तो पूरे प्रदेश में भी एक समान बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जा सकती है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि संस्था प्रमुखों के पास शिक्षक उपस्थिति पंजी उपलब्ध है, जिसमें शिक्षक प्रतिदिन समय पर उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज करते हैं। इसके विपरीत वीएसके एप में तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है। ऐसी विरोधाभासी स्थिति में किसी भी शिक्षक का वेतन रोकना या वेतन काटना न्यायोचित नहीं है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला धमतरी के तीरथ राज अटल, गणेश प्रसाद साहू, एन.आर. बघेल, नंदकुमार साहू, डॉ. आशीष नायक, कैलाश प्रसाद साहू, कैलाश सोन, शैलेन्द्र कौशल, गेवाराम नेताम, दिनेश कुमार साहू, रमेश कुमार यादव एवं राहुल नेताम ने भी शासन से मांग की है कि शालाओं में शिक्षक उपस्थिति पंजी का भौतिक सत्यापन किया जाए तथा पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था लागू की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वीएसके एप में तकनीकी खामियों के कारण अनुपस्थिति दिखाकर वेतन काटने के किसी भी निर्णय का संगठन कड़ा विरोध करेगा।
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