NEET : धमतरी के प्रांजल उपाध्याय ने मारी बाजी बने छतीसगढ़ टॉपर

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अपने लक्ष्य निर्धारण एवं माता पिता के मार्गदर्शन ने पहुचाया इस मुकाम पर

 

धमतरी। नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में धमतरी के प्रांजल उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ में टॉप और ऑल इंडिया में 90 रैंक लाकर शहर और छत्तीसगढ़ का गौरव बढाया  है। प्रांजल को 720 में से 700 अंक प्राप्त हुए । प्रांजल के पिता डॉ रोशन उपाध्याय और मां डॉ रश्मि उपाध्याय धमतरी में नर्सिंग होम का संचालन करते हैं ।प्रांजल की शिक्षा दीक्षा धमतरी में ही हुई है। 11वीं के बाद वह भिलाई में पढ़ने के लिए चल दिए थे। शुरू से ही प्रतिभावान रहे प्रांजल अपने लक्ष्य पर ही ध्यान दिए और आज यह मुकाम हासिल किया। उनकी मंशा दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने की है ।  छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद उपाध्याय परिवार में खुशी का माहोल है । प्रांजल ने बताया की वह 11वीं से ही नीट की तैयारी में लग गए थे, स्कूल उसके बाद कोचिंग फिर घर आकर लगभग 4 घंटे की पढ़ाई करते थे। 11वीं 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद कोरोना संक्रमण में लॉक डाउन लग गया। इस दौरान उन्हें पढ़ाई करने का भरपूर मौका मिला ।पूर्व में अपेक्स क्लासेस और आईआईटी जोन से कोचिंग ली थी ।यहीं से ही लगातार मार्गदर्शन लेते रहे . उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता को देते हुए कहा की उनके सकारात्मक सहयोग की वजह से ही आज इस मुकाम पर है | वर्तमान समय के विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि अभी कोरोना के कारण समय का उपयोग करना चाहिए ।  विद्यार्थी के जीवन में माता-पिता का सहयोग काफी महत्वपूर्ण रहता है, हर विद्यार्थी को अपने टारगेट पर ध्यान देना चाहिए कि आखिर वह क्या करना चाहता है और क्यों करना चाहता है ।विद्यार्थी के मन में यदि किसी भी प्रकार की मानसिक समस्या है तो उसे छुपाना नहीं चाहिए उसे अपने परिवार जनों के साथ शेयर करनी चाहिए।इस संबंध में प्रांजल के पिता डॉ  रोशन उपाध्याय ने बताया कि उनका पुत्र का जन्म धमतरी में ही हुआ शिक्षा दीक्षा के बाद 11वीं 12वीं के लिए भिलाई शिफ्ट हो गया। अभिभावक होने के नाते उन्हें गौरव महसूस हो रहा है कि आज उनका पुत्र छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया ।धमतरी में ही उनकी नींव रखी गई उन्होंने धमतरी के सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया है।