संविधान हत्या दिवस और आपातकाल की सच्चाई नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता: अशोक बजाज

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धमतरी में भाजपा की प्रेस वार्ता: लोकतंत्र के काले अध्याय पर मुख्य वक्ता ने रखे विचार

धमतरी। भारतीय जनता पार्टी द्वारा ‘संविधान हत्या दिवस’ एवं आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के संदर्भ में जिला भाजपा कार्यालय (गोविंद सारंग भवन, धमतरी) में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना बेहद आवश्यक है कि किस प्रकार सत्ता के मोह में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद लगाया गया आपातकाल

मुख्य वक्ता अशोक बजाज ने इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1975 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध घोषित किए जाने के बाद उनके सामने सत्ता से हटने का संकट उत्पन्न हो गया था। लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने के बजाय उन्होंने सरकारी तंत्र, संवैधानिक शक्तियों और प्रशासनिक संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू कर दिया। आपातकाल घोषित होते ही नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, न्यायपालिका पर दबाव बनाया गया और लोकतंत्र को लगभग समाप्त कर दिया गया। यह स्वतंत्र भारत में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सबसे बड़ा हमला था।

मीडिया की स्वतंत्रता पर किया गया कुठाराघात

अशोक बजाज ने प्रेस की स्वतंत्रता पर बात करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी शायद कल्पना भी नहीं कर सकती कि उस समय देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूरी तरह समाप्त कर दी गई थी। समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लगा दी गई, अखबारों की बिजली काट दी जाती थी, सरकार विरोधी समाचार प्रकाशित करने पर कड़ा प्रतिबंध था और पत्रकारों को जेल भेजा जाता था। प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा होती है, लेकिन आपातकाल के दौरान उसे कुचलने का काम किया गया। हजारों पत्रकारों को प्रताड़ित किया गया और मीडिया को सरकार का प्रचार तंत्र बनाने का प्रयास किया गया।

देश के बड़े नेताओं को जेलों में ठूंसा गया

उन्होंने आगे कहा कि आपातकाल लागू होते ही लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई, जॉर्ज फर्नांडिस, नानाजी देशमुख सहित हजारों विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिया गया या नजरबंद कर दिया गया। लाखों लोकतंत्र प्रेमियों ने जेलों में अमानवीय यातनाएं झेलीं, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखा। उन्हीं संघर्षों और बलिदानों के कारण देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना संभव हो सकी।

धमतरी के लोकतंत्र सेनानियों का भी रहा बड़ा योगदान

अशोक बजाज ने स्थानीय इतिहास को रेखांकित करते हुए कहा कि आपातकाल का प्रभाव केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं था। धमतरी जिले में भी अनेक लोकतंत्र सेनानियों, जनसंघ एवं राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। कई लोगों को महीनों तक जेलों में रखा गया और राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। धमतरी सहित पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लाखों लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत है, जिनके त्याग और बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता।

संविधान हत्या दिवस का उद्देश्य राजनीतिक नहीं, जागरूकता है

उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल को लक्ष्य बनाना नहीं, बल्कि देश की नई पीढ़ी को लोकतंत्र की रक्षा के प्रति जागरूक करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि जब सत्ता अहंकार में बदल जाती है तो लोकतंत्र और संविधान दोनों खतरे में पड़ जाते हैं।

इस दौरान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए एक चेतावनी है। देश के युवाओं को यह जानना चाहिए कि लोकतंत्र स्वतः सुरक्षित नहीं रहता, बल्कि इसके लिए निरंतर संघर्ष और जागरूकता आवश्यक होती है। लोकतंत्र सेनानियों का योगदान राष्ट्र हमेशा याद रखेगा। वहीं जिला महामंत्री राकेश साहू ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे आपातकाल की वास्तविक घटनाओं और ‘संविधान हत्या दिवस’ के महत्व को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएं। नई पीढ़ी को यह बताया जाना चाहिए कि लोकतंत्र की रक्षा कितने संघर्षों और बलिदानों के बाद संभव हुई है।

यह पदाधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा, जिला महामंत्री राकेश साहू, जिला कार्यालय मंत्री विजय साहू, भोथली मंडल महामंत्री आनंद मेश्राम, जिला मीडिया प्रभारी उमेश साहू सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मीडिया संवाद कार्यक्रम एवं पूरी प्रेस वार्ता का कुशल संचालन जिला मीडिया प्रभारी उमेश साहू द्वारा किया गया।