
धमतरी। शहर के सल्हेवार पारा स्थित गाड़ा बस्ती में कथित गौमांस बरामदगी के मामले के बाद शनिवार को नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम कार्रवाई के लिए पहुंची। टीम के साथ बुलडोजर भी मौजूद था, जिसे देखकर स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ देर के लिए क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
जानकारी के अनुसार नगर निगम की टीम तालाब किनारे अतिक्रमण हटाने और संबंधित निर्माणों पर कार्रवाई के लिए पुलिस बल के साथ गाड़ा बस्ती पहुंची थी। अधिकारियों ने प्रारंभिक कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए निर्माण नहीं तोड़ने की मांग की। काफी देर तक अधिकारियों और बस्तीवासियों के बीच बातचीत चली।
इसके बाद टीम उस स्थान पर पहुंची, जहां कथित तौर पर पशु वध किए जाने की बात सामने आई थी। यहां भी बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं एकत्रित होकर विरोध करने लगे, जिससे कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया। मौके पर नगर निगम के उपायुक्त पीसी सार्वा, अधिकारी शशांक मिश्रा और कोतवाली थाना प्रभारी राजेश जगत सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग की अपील की।
बस्तीवासियों ने खुद हटाने का दिया प्रस्ताव
विरोध के बीच बस्ती के कुछ लोगों ने प्रशासन के समक्ष प्रस्ताव रखा कि जिस स्थान पर कथित रूप से पशु वध किए जाने की बात कही जा रही है, उसे वे स्वयं हटा देंगे। इसके बाद अधिकारियों ने आपसी सहमति से मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया और बस्तीवासियों को स्वयं कार्रवाई करने की अनुमति दी, ताकि अन्य लोगों को नुकसान न पहुंचे।
‘गौ हत्या नहीं, मृत पशुओं की खाल निकालने की परंपरा’
स्थानीय निवासियों संदीप नागेश, मुकेश, आकाश, सरस्वती, सुनीता, स्वाती और राधा सहित अन्य लोगों का कहना है कि बस्ती में न तो गौ हत्या की जाती है और न ही गौमांस की बिक्री होती है। उनका दावा है कि उनके समुदाय में मृत पशुओं की खाल निकालकर उससे वाद्य यंत्र बनाने की परंपरा है तथा शेष अवशेषों को जमीन में दफना दिया जाता है। बस्तीवासियों के अनुसार घटना वाले दिन भी यही प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन इसे गलत तरीके से गौवध और गौमांस बिक्री से जोड़कर प्रचारित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में बस्ती के भीतर खाल निकालने का कार्य नहीं किया जाएगा।
नगर निगम ने क्या कहा
नगर निगम के उपायुक्त पीसी सार्वा ने बताया कि टीम तालाब किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल के साथ पहुंची थी। साथ ही कुछ अवैध गतिविधियों की सूचना भी मिली थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बातचीत के जरिए समाधान निकाला गया और अंततः बस्तीवासी स्वयं संबंधित स्थान को हटाने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने बताया कि आगे तालाब की सफाई और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि गुरुवार को गाड़ा बस्ती से करीब 86 किलोग्राम कथित गौमांस बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों, विशेषकर हिंदू जागरण मंच, ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अवैध निर्माणों को हटाने की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया गया है, मामले की जांच जारी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए






