हर बेटी में मां दुर्गा का स्वरूप, मातृशक्ति की आराधना ही मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य — पंडित राजेश शर्मा

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आराध्य गरबा में गूंजे महाकाल के जयकारे, हजारों की * संख्या* में भक्तो ने एक साथ* गरबा* *कर महादेव की भक्ति में सराबोर कर दिया पूरा मैदान
‘ मेरे महाकाल सरकार’ और ‘तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती’ जैसे भक्ति गीतों पर देर रात तक झूमे गरबा प्रेमी
सप्तमी दीबस की संध्या आराध्य गरबा में सजेगा श्रीकृष्ण का दिव्य दरबार, कृष्णलीला और फूलों की होली होगी विशेष आकर्षण
धमतरी। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर धमतरी में आयोजित आराध्य गरबा में महाकाल थीम पर भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान महाकाल को समर्पित इस विशेष संध्या में गरबा प्रेमी ब्लैक कलर के परिधानों में पहुंचे। काले रंग की थीम के बीच भगवान शिव की भक्ति और गरबा की उमंग ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।
आराध्य गरबा के आयोजक धर्मप्रेमी समाजसेवी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में गरबा प्रेमियों ने हजारों को संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाकाल थीम के अनुरूप ब्लैक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा करते हुए अपनी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह का परिचय दिया।
‘मेरे महाकाल सरकार’ की धुन पर झूमे गरबा प्रेमी महाकाल थीम की शाम में भक्ति संगीत ने विशेष आकर्षण पैदा किया। ‘मेरे महाकाल सरकार’ और ‘तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती’ जैसे भक्ति गीतों पर गरबा प्रेमी जमकर झूमे। शिवभक्ति से ओतप्रोत गीतों ने वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। गरबा की लय और भक्ति संगीत के संगम ने इस शाम को यादगार बना दिया।

हर बेटी में मां दुर्गा का स्वरूप, मातृशक्ति की आराधना ही मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य — पंडित राजेश शर्मा
आराध्य गरबा के आयोजक पंडित राजेश शर्मा ने आयोजन के पीछे अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि जब वे अपनी बेटियों, बहनों और माताओं को मां दुर्गा की आराधना गरबा करते हुए देखते हैं, तो उनके मन में एक अलग ही आनंद और आत्मिक प्रसन्नता का अनुभव होता है।
यह मेरे लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मां के चरणों में और आए सभी परिवारों के लिए मेरी श्रद्धा और समर्पण का भाव है।”
आराध्य गरबा 2026 में उत्साह चरम पर, भव्यता के साथ अपनत्व का संगम; महंगे टिकटों की बाधा से परे हर परिवार तक खुशियां पहुंचाने का संकल्प — *पंडित राजेश शर्मा , ‘
असली रंग अभी बाकी’

धमतरी के हर परिवार तक गरबा की खुशियां पहुंचाना ही उद्देश्य, सभी वर्ग के बच्चों एवं उनके परिवार मुस्कान मेरी सबसे बड़ी पूंजी , रामकथा, भागवत कथा, शिवकथा धर्मसभा से लेकर खेल, साहित्य, शिक्षा और स्वास्थ्य तक जनसेवा के विविध आयामों से जुड़ा है प्रयास आराध्य गरबा 2026 में गरबा प्रेमियों का उत्साह अपने चरम के उत्कर्ष में आयोजक धर्मप्रेमी समाजसेवी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा ने कहा, “असली रंग अभी बाकी

इस कथन पर आयोजन को और भव्य बनाने का उत्साह ही नहीं, बल्कि धमतरी के प्रत्येक परिवार तक उत्सव की खुशियां पहुंचाने का संकल्प भी है। पंडित राजेश ने कहा ‘यह आयोजन मेरे धमतरीवासियों के लिए है’
पंडित राजेश शर्मा ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि जब पांच वर्ष पूर्व आराध्य गरबा की शुरुआत की थी, तब मन में एक भाव था कि धमतरी के लोगों को ऐसा आयोजन मिले, जहां वे परिवार के साथ आकर गरबा खेल सकें, माता की आराधना कर सकें और उत्सव की खुशियों को महसूस कर सकें। समय के साथ यह भाव एक बड़े आयोजन के रूप में विकसित हुआ है, लेकिन इसके पीछे की मूल भावना आज भी वही है—  महंगे टिकट नहीं, हर परिवार के लिए गरबा की खुशियां पंडित राजेश शर्मा के अनुसार, बड़े शहरों में होने वाले भव्य गरबा आयोजनों में आकर्षक लाइटिंग, संगीत और आधुनिक गरबा इफेक्ट्स सेलिब्रिटी का आगमन लोगों को आकर्षित करते हैं, लेकिन कई बार महंगे टिकट आम परिवारों के लिए बाधा बन जाते हैं।

उन्होंने इस विषय पर अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि किसी घर में दो बच्चे गरबा खेलने के इच्छुक हों या चार भाई-बहन गरबा खेलने का सपना देखते हों, तो हर परिवार के लिए महंगे टिकट खरीद पाना आसान नहीं होता। ऐसे में उन बच्चों और परिवारों को उत्सव की खुशियों से वंचित रहना पड़ सकता है। आराध्य गरबा की परिकल्पना इसी भावना से जुड़ी है कि धमतरी के हर वर्ग के परिवारों को भी बड़े शहरों की तर्ज पर भव्य सजावट, आकर्षक गरबा इफेक्ट्स और उत्सव का शानदार वातावरण मिले, ताकि वे बिना किसी भेदभाव के गरबा का आनंद ले सकें।

उन्होंने भावुकता के साथ कहा कि गरबा परिसर में पहुंचे सभी बेटे बेटियों एवं उनके परिवार की मुस्कान और उनकी उमंग उनकी प्रसन्नता मेरे जीवन के सौभाग्य की पूंजी में जुड़ जाती है। लोगों की खुशियों के लिए काम करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि धर्म हैं।

पंडित राजेश शर्मा ने कह सोच केवल आराध्य गरबा तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार मेरे आराध्य प्रभु, भगवान श्रीराम और धमतरी की अधिष्ठात्री देवी मां बिलाई माता गुरुदेव शंकराचार्य महाभाग की कृपा आशीर्वाद से उन्हें समय-समय पर धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यों सेवा से अवसर मिलता रहा है। रामकथा, श्रीमद्भागवत कथा, शिवकथा और धर्मसभाओं के माध्यम से धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। वहीं, युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल पखवाड़े जैसे आयोजन किए जाते रहे हैं। धमतरी की साहित्यिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पण के भाव से कवि सम्मेलन आयोजित किए जाते रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग पुस्तक कापी की व्यवस्था और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योग एवं स्वास्थ्य से जुड़े व्यापक आयोजनों के माध्यम से समाज सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ इन सभी गतिविधियों के पीछे उनकी मूल सोच यही रही है कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सेवा का अवसर मिले और धार्मिक आस्था के साथ-साथ शिक्षा, खेल, साहित्य तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सकारात्मक वातावरण तैयार हो।


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पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि मेरा मानना है कि किसी भी आयोजन की सफलता केवल उसकी भव्यता, भीड़ या आकर्षक व्यवस्थाओं से नहीं मापी जानी चाहिए। उसकी वास्तविक सफलता इस बात में है कि वह कितने लोगों के जीवन में खुशी लाता है और कितने परिवारों को अपनेपन का अनुभव कराता है। उनके लिए आराध्य गरबा में उमड़ती भीड़ के साथ-साथ उन बच्चों का उत्साह भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जिन्हें पहली बार बड़े स्तर पर गरबा खेलने का अवसर मिलता है। वे परिवार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जो अपने बच्चों को उत्सव में भाग लेते देखकर गर्व और प्रसन्नता महसूस करते हैं। भावना है कि धार्मिक आस्था जब सामाजिक सरोकार से जुड़ती है, तब आयोजन केवल उत्सव नहीं रहता, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम बन जाता है। आराध्य गरबा 2026 में बढ़ता उत्साह इसी सोच का प्रतिबिंब है। शहर के लिए कुछ अच्छा कर पाने का संतोष भी

भक्ति, संस्कृति और श्रद्धा का संगम बना आराध्य गरबा

 आराध्य गरबा में सजेगा श्रीकृष्ण का दिव्य दरबार, कृष्णलीला और फूलों की होली होगी विशेष आकर्षण
नीली रंग थीम में रंगेगा गरबा परिसर, राधा-कृष्ण की भक्ति के बीच झूमेंगे गरबा प्रेमी आराध्य गरबा में आज श्रीकृष्ण थीम पर भक्ति और उल्लास का संगम देखने को मिलेगा। नीले रंग के परिधानों में सजे गरबा प्रेमी कृष्णमय वातावरण में गरबा करेंगे। श्रीकृष्ण की मनमोहक लीलाएं और फूलों की होली आयोजन के विशेष आकर्षण रहेंगे। आयोजक धर्मप्रेमी समाजसेवी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा के नेतृत्व में आयोजित आराध्य गरबा की यह संध्या राधा-कृष्ण की भक्ति, प्रेम और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर होगी।