कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली बीमा सखी दीदियों को किया सम्मानित, कहा– महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी तो परिवार और समाज भी होगा मजबूत
जिले में 150 लखपति बीमा सखियां, उत्कृष्ट कार्य करने वाली 70 दीदियों का हुआ सम्मान; एलआईसी बीमा सखी योजना से ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा स्वरोजगार, नियमित आय और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर
धमतरी | ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उन्हें सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने तथा वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन धमतरी और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के संयुक्त प्रयासों से आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एलआईसी बीमा सखी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ प्रबंधक की गरिमामयी उपस्थिति में उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति बीमा सखी दीदियों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की गई। धमतरी जिले में महिला स्वावलंबन की दिशा में इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। जिले में वर्तमान में 150 लखपति बीमा सखियां कार्यरत हैं, जिनमें से उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली 70 बीमा सखी दीदियों को समारोह में सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, लगन, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भर बनने के संकल्प को दर्शाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना, उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना तथा ग्रामीण अंचलों में जीवन बीमा एवं वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता का विस्तार करना है। बीमा सखी के रूप में महिलाएं न केवल स्वयं की आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों के परिवारों को भी भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता किसी भी समाज के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बीमा सखी के रूप में ग्रामीण महिलाएं घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आजीविका के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही हैं। यह केवल आय अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने का भी प्रभावी अवसर है। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अनेक परिवार जीवन बीमा और वित्तीय सुरक्षा के महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। ऐसे में गांव की ही महिलाएं बीमा सखी बनकर लोगों तक पहुंचती हैं, तो विश्वास और सहज संवाद के माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों को बीमा सुरक्षा से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने सम्मानित दीदियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। सभी बीमा सखियां अपने कार्य को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाएं तथा अधिक से अधिक महिलाओं को इस अवसर से जोड़ने का प्रयास करें। उन्होंने संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया कि महिलाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराते हुए उनकी आजीविका गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाए। भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ प्रबंधक ने बीमा सखी योजना की कार्यप्रणाली एवं उपलब्ध अवसरों की जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को बीमा क्षेत्र में कार्य करने, अपने कौशल का उपयोग करने और आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है। बीमा सखियां अपने क्षेत्र में लोगों को जीवन बीमा योजनाओं, बचत तथा भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के महत्व की जानकारी देकर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम में निर्धारित आय एवं व्यवसाय संबंधी लक्ष्यों को प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली 70 लखपति बीमा सखी दीदियों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस पहल से उन्हें आर्थिक आत्मविश्वास के साथ समाज में एक नई पहचान और सम्मान भी मिला है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के समन्वय से संचालित यह पहल ग्रामीण महिलाओं के कौशल, क्षमता और उद्यमशीलता को नए अवसरों से जोड़ रही है। इससे महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों में वित्तीय जागरूकता और सामाजिक सुरक्षा की भावना को भी मजबूती मिल रही है। जिले में महिला स्वावलंबन को बढ़ावा देने की दिशा में ऐसे प्रयास ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक प्रगति के नए रास्ते खोल रहे हैं।
