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मोदी सरकार ने देश की रेल सेवाओं का कर दिया बंटाधार – पंकज महावर

प्रदेश कांग्रेस स. महामंत्री, योजना व रणनीति समिति सदस्य ने कहा लगातार यात्री ट्रेनो के रद्द होने से आमजनता हो चुकी है त्रस्त

गलत नीतियों और अपने पुंजीपतियों मित्रो को लाभ पहुंचाने के चक्कर में मोदी सरकार की विश्वसनीयता पर लगा प्रश्न चिन्ह 

धमतरी। प्रदेश में आए दिन यात्री टे्रने रद्द हो रही है जिनसे यात्रियों व आमजनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोदी सरकार की गलत नीतियों व अपने पुंजीपति मित्रो को लाभ पहुंचाने के चक्कर में देश की रेल सेवाओं का बुरा हाल हो गया है। उक्त बाते प्रदेश कांग्रेस स. महामंत्री, योजना व रणनीति समिति सदस्य पंकज महावर ने कही।

महावर ने आगे कहा कि बीते तीन सालो में मोदी सरकार ने रेल सेवाओं का बुरा हाल कर दिया है। रेल व्यवस्था पहले यूपीए सरकार में सुचारू रूप से चल रही थी। लेकिन अब जनता का विश्वास रेल सेवाओं से उठता जा रहा है। कभी- भी किसी भी ट्रेन को रद्द कर दिया जा रहा है। ऐसे में काफी समय पहले से रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को ऐन मौके पर असुविधा हो रही है। लेकिन केन्द्र सरकार को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। जनता बदहाल रेल सेवाओ से त्रस्त हो चुकी है। बिना कोई कारण बताये ट्रेनों का परिचालन अचानक रद्द कर दिया जाता है जिससे पूर्व में रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों के सुख, दुख सहित अन्य विशेेष मौके पर शामिल होने से वंचित हो रहे है। इससे स्पष्ट है कि केन्द्र सरकार को जनता की भावनाओं का ख्याल नहीं है। यात्री ट्रेनो को रद्द करने हेतु मेटेनेंस का बहाना बनाया जाता है उन्ही ट्रेनों पर कई गुना अधिक क्षमता वाले मालवाहकों को दौड़ाया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि जान बुझकर षडय़ंत्र करते हुए यात्री ट्रेनो को रद्द कर मालवाहक ट्रेनों को दौड़ाकर मोदी सरकार द्वारा कुछ उद्योग घरानो को लाभ पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस शासन में घाटे में रहकर सस्ती व विश्वसनीय रेल सेवाएं देशवासियों को प्रदान की गई। लेकिन मोदी सरकार द्वारा रेल भाड़ा बढ़ाकर भी बेहतर सुविधाएं प्रदान नहीं की जा रही है। श्री महावर ने मांग की है कि केन्द्र सरकार नियमित टे्रन परिचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही दिव्यांगजन, बुजुर्ग, रिटायर सैनिको, बच्चों व विद्यार्थियों को पूर्व में मिलने वाली रियायतो को बहाल करें। रेल्वे के निजीकरण के प्रयासो पर विराम लगाए। लोग अब टे्रनो में सफर को विश्वसनीय नहीं मान रहे है। ऐसे में बेहतर परिचालन की व्यवस्था पुन: स्थापित किया जाये अन्यथा कांग्रेस इसका लगातार पूरजोर विरोध करती रहेगी।

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