धमतरी | मकर संक्रांति को देशभर में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। उत्तर भारत में इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। असम में इस दिन को बिहू और दक्षिण भारत में इस दिन को पोंगल के नाम से जानते हैं। मकर संक्रांति के दिन पंतगबाजी का आयोजन होता है। इस दिन बच्चे-बुजुर्ग सभी पंतग उड़ाकर मकर संक्रांति सेलिब्रेट करते हैं। मकर संक्रांति हर साल 14 जनवरी मनाई को जाती है।

गुजराती समाज धमतरी ने भी इस पर्व को बड़े हर्षौल्लास के साथ मनाया इस पर्व पर समाज की महिलाओ ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया कार्यक्रम के मुख्या अतिथि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शरद लोहाना थे एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती नलिनी बेन सोनी थी | इस अवसर पर मकर संक्रांति पर्व पर प्रकाश डालते हुए जिलाध्यक्ष शरद लोहाना ने कहा मकर संक्रांति का पर्व जब उत्तरायण में सूरज आता है तब मनाया जाता है आज दिन और रात दोनों बराबर होते हैं कल से अंधेरे से उजाला बढ़ता जाएगा इसलिए मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है इस पतंग पर्व पर शरद लोहाना ने मकर संक्रांति की ढेरों शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए समाज के समस्त भाई बहनों को संदेश देते हुए कहा कि खुले आसमान में पतंग की भांति उड़े पर आसमान में जितनी भी ऊंचाई में जाएं पतंग की डोर जमीन पर रहे | पतंग बाजी के इस पर्व पर समाज के सभी बड़े बुजुर्ग एवं बच्चो ने बड चढ़ कर हिस्सा लिया एवं पतंग बाजी का लुफ्त उठाया |
समाज के अध्यक्ष संतोष शाह ने मुख्या अतिथि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शरद लोहाना का सम्मान किया एवं विशेष अतिथि का सम्मान तरुण भाई अम्बानी ने किया मंच संचालन अनिल गाँधी ने किया |