गांधी-शास्त्री जयंती पर प्रदेश भाजपा कार्यालय में अजय जामवाल जी कि उपस्थित में रंजना साहू ने किया महापुरुषों का स्मरण

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धमतरी | राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश कार्यालय में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ जयंती समारोह मनाया गया। इस अवसर पर भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल जी के साथ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं धमतरी पूर्व विधायक श्रीमती रंजना डीपेन्द्र साहू ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए और दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किए। कार्यक्रम में भाजपा के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्रीमती रंजना डीपेन्द्र साहू ने पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी जी का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को समर्पित रहा, उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता के लिए एकजुट किया, साथ ही गांधी जी के विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी हैं।

साथ ही श्रीमती साहू ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय शास्त्री जी को नमन करते हुए कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के आदर्श प्रतीक हैं, उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, अनुशासन और देशहित को सर्वोच्च रखते हुए कार्य किया जा सकता है। उनका दिया हुआ ‘जय जवान, जय किसान’ का उद्घोष देश के जवानों और किसानों के सम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित करता है, और इसी नारा को आत्मसात कर आगे बढ़ाने वाले हमारे भारतीय जनता पार्टी के पुरोधा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न से सम्मानित श्रद्धेय स्व श्री अटल बिहारी वाजपेई जी ने जय-जवान, जय-किसान, जय-विज्ञान का नारा दिया। श्रीमती रंजना साहू ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन-मूल्यों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, आज आवश्यकता है कि हम सत्य, स्वच्छता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता, सेवा और राष्ट्रहित के संकल्प को अपने जीवन में अपनाएं तथा समाज को आगे बढ़ाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के दौरान भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दोनों महान विभूतियों के आदर्शों का स्मरण करते हुए राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।