Home Latest कृषि एवं पशु सखियों का प्रशिक्षण, मशरूम प्रसंस्करण उत्पाद प्रदर्शनी एवं शैक्षणिक...

कृषि एवं पशु सखियों का प्रशिक्षण, मशरूम प्रसंस्करण उत्पाद प्रदर्शनी एवं शैक्षणिक भ्रमण आयोजित

धमतरी | छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकासखंड कुरूद के विभिन्न ग्रामों की पशु सखी एवं कृषि सखियों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दो बैच में किया गया। प्रशिक्षण के अंतर्गत मशरूम प्रसंस्करण उत्पाद प्रदर्शनी एवं शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा कृषि से संबंधित उन्नत तकनीकों, उपयोगी जानकारी तथा महाविद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपक ठाकुर द्वारा पशु सखियों को उन्नत चारा फसलों की उत्पादन तकनीक, चारा संरक्षण विधि एवं उन्नत पशुपालन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। वहीं सहायक प्राध्यापक डॉ. भूमिका हत्गिया द्वारा कम पूंजी में अधिक आय देने वाली आयस्टर मशरूम स्पॉन उत्पादन तकनीक, मशरूम उत्पादन, पैकेजिंग, विपणन, शेल्फ लाइफ, पोषण मूल्य एवं मूल्य संवर्धन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। मशरूम मूल्य संवर्धन अंतर्गत मशरूम बड़ी, पापड़, आचार, बिजौरी, पकौड़ा, पुलाव, सूप, मशरूम पाउडर, खिचड़ी एवं चिक्की निर्माण की विधियों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मशरूम प्रसंस्कृत उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका महिलाओं ने अवलोकन किया। प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को महाविद्यालय स्थित मशरूम स्पॉन उत्पादन इकाई एवं मशरूम उत्पादन इकाई का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। प्राध्यापक डॉ. ए. कुरैशी द्वारा रबी दलहन एवं तिलहन फसलों की उत्पादन तकनीक एवं फसल चक्र परिवर्तन के लाभ बताए गए। वहीं डॉ. ऋषि महोबिया द्वारा सुगंधित धान की उन्नत खेती विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त सहायक प्राध्यापक डॉ. हरीश कुमार, डॉ. गुलाब बर्मन, डॉ. उमेश दास एवं श्री सोनू दिवाकर द्वारा फलों, सब्जियों एवं मसाला फसलों की उन्नत खेती, जैविक कीटनाशकों के उपयोग एवं प्रभाव तथा जैविक खाद निर्माण एवं उपयोग की विधियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी पशु सखी एवं कृषि सखियों की सक्रिय सहभागिता रही तथा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Exit mobile version