
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश , सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु के प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने कहा , जनहितकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभ वितरण, विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही पर विशेष जोर
धमतरी । कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन, सेवा सेतु, एग्रीस्टेक, निर्माण कार्यों तथा विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु शासन एवं आमजन के बीच विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन माध्यमों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न होकर नागरिकों की वास्तविक समस्याओं के समाधान की भावना से किया जाना चाहिए। उन्होंने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों का तथ्यात्मक, संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बार-बार लंबित रहने वाले अथवा असंतोषजनक निराकरण वाले प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने जानकारी दी कि शासन द्वारा शीघ्र ही ‘‘सुग्घर छत्तीसगढ़’’ अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत सर्वेक्षण, विशेष शिविरों तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को अभियान की पूर्व तैयारी समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एग्रीस्टेक के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए विकासखंडवार आवेदनों की स्थिति जानी तथा अधिकारियों को अगले दो दिनों के भीतर लंबित मामलों के निराकरण की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुंचना चाहिए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान खाद एवं बीज के उठाव एवं भंडारण की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने उर्वरक एवं बीज विक्रेताओं के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नियमों का उल्लंघन अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित दुकानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा दोषी अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सहकारी समितियों के संचालन, चना भुगतान, धान उठाव तथा बैंकिंग सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कस्टम हायरिंग सेंटर जबर्रा एवं सिंगपुर के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण करने, धान उठाव में तेजी लाने तथा सिंगपुर में नवीन बैंक शाखा खोलने की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बोरई क्षेत्र में ग्रामीण बैंक शाखा हेतु उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने कहा। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएम-अजय) के तहत प्राप्त आवेदनों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिले में रेत उत्खनन पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ राजस्व की सुरक्षा भी प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अकलाडोंगरी स्वास्थ्य केन्द्र का आगामी सप्ताह में निरीक्षण करने, कुरूद, नगरी एवं ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखने तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। सीएचसी बेलरगांव के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई।





