शिक्षा हमें जीवन जीने की उच्चतम शैली सिखाती है- मंजूषा साहू

1002

 जिले में  बेहतर आनलाइन शिक्षा व शैक्षिक गतिविधियां संचालित करने के लिए हुईं सम्मानित 

धमतरी |भोथली हायर सेकण्डरी स्कूल में पदस्थ व्याख्याता (गणित) श्रीमती मंजूषा साहू ने आनलाइन कक्षा के माध्यम से  जिले का नाम पूरे  छत्तीसगढ़ में रोशन किया | कोरोना काल में स्काउट एंड गाइड की जिला संगठन आयुक्त के तौर पर उन्होंने मास्क तैयार कराकर वितरित  किये | लोगों को इस महामारी से बचाव के लिए जागरूक किया|  उन्हें इस उल्लेखनीय कार्य के लिए  शासन द्वारा सम्मानित  किया गया | उन्होंने कहा कि शिक्षा इस प्रकार की होनी चाहिए कि एक व्यक्ति अपने परिवेश से परिचित हो सके। शिक्षा हम सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक बहुत ही आवश्यक साधन है। शिक्षा का उच्च स्तर लोगों की सामाजिक और पारिवारिक सम्मान तथा एक अलग पहचान बनाने में मदद करता है। शिक्षा हमें जीवन जीने की उच्चतम शैली सिखलाती है। यह मनुष्य में अच्छे चरित्र का निर्माण करती है|

धमतरी विकासखण्ड के ग्राम भोथली के हायर सेकण्डरी स्कूल में पदस्थ व्याख्याता (गणित) श्रीमती मंजूषा साहू ने भी आनलाइन कक्षा लेकर बच्चों की पढ़ाई अनवरत जारी रखी| उन्होंने 493773 News For Everyone  से  एक चर्चा  में बताया कि इस वक्त कोरोना वायरस के कारण बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस चल रही है| साथ ही उन्हें रचनात्मक कार्यों से भी जोड़ा जा रहा है। ये ऑनलाइन क्लासेस बच्चों के लिए फायदेमंद साबित हो रही हैं| वें  10वीं , 11वीं और  12 वीं  क्लास के बच्चों की गणित सब्जेक्ट ले रही है | यह क्लास लगभग 40 मिनट की होती है | बच्चों को भी ऑनलाइन क्लासेस में मजा आने लगा है। बच्चे अपने माता-पिता के सामने रहते हैं व सुरक्षा की दृष्टि से भी यह फायदेमंद है, वहीं बच्चों को पढ़ाई में क्या समस्या आती है, यह बात भी माता-पिता को पता चल रही है। कई बार नेटवर्क की समस्या आ जाती है | ऑनलाइन क्लास के बाद बच्चों को व्हाट्सएप के माध्यम से होमवर्क दिया जाता है | जहां बच्चे होमवर्क कर व्हाट्सएप में सेंड कर देते है |  विषय से संबंधित प्रॉब्लम आने पर मोबाइल पर काल भी कर लेते है |

उनकी समस्या का तुरंत समाधान किया जाता है | उन्होंने बताया कि इस स्कूल में  उनकी  पोस्टिंग 2010 में हुई|   उन्होंने शुरू से ही  बच्चों की  नैतिक और व्यावहारिक शिक्षा पर बल दिया |  इसमें पालकों का भी सहयोग मिला | उन्होंने आगे बताया कि विद्यालय में गणित परिषद का गठन किया गया है | गणित की नई उड़ान नामक विद्यालयीन पत्रिका का प्रकाशन किया गया है | इसमें विद्यार्थियों द्वारा संकलित गीत, कविता, पहेली, सूत्र, समीकरण, गणितज्ञों की जीवनी आदि का समावेश किया गया है | इसका उद्देश्य बताते हुए उन्होंने कहा कि गणित विषय  को  रुचिकर बनाना है और लोगों के मन में गणित के प्रति जो डर और  तनाव रहता है, उसे दूर करना है | इस  प्रोजेक्ट पर काफी सफलता मिली |

 इससे छात्रों का रुझान गणित  के प्रति  बढ़ा| परिणाम यह रहा कि  पिछले छह साल से कक्षा 12वीं गणित में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का रिजल्ट  शत-प्रतिशत रहा है| उन्होंने आगे बताया कि जनवरी  में  गणित विषय पर  जिलास्तरीय  रंगोली प्रतियोगिता  हुई थी जिसमें  स्कूल के छात्र  ऋषभ  प्रथम रहे | इसके लिए 26 जनवरी 2019 में उन्हें मुख्य अतिथि डाॅ. लक्ष्मी ध्रुव एवं तत्कालीन कलेक्टर द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक का सम्मान भी प्रदान किया गया था। साथ ही उनके द्वारा लिखी गई उत्कृष्ट कविता ‘‘सपना करें साकार, पढ़ई तुंहर दुवार‘‘  भी प्रकाशित हुई, जिसकी सराहना राज्य स्तर पर भी हुई। इन सबके अतिरिक्त पीईटी, पीएटी, पीपीएचटी, सहित नवोदय एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं का सतत् मार्गदर्शन वर्चुअल कक्षाओं व सोशल मीडिया के जरिए दिया गया। इसके लिए उन्हें सचिव स्कूल शिक्षा डाॅ. आलोक शुक्ला एवं संचालक जितेन्द्र शुक्ला के द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।

स्काउट एंड गाइड की जिला संगठन आयुक्त के तौर पर मंजूषा साहू ने उल्लेखनीय  कार्य किये | कोरोना से बचाव को लेकर उन्होंने अनेक गतिविधियां संचालित की। विद्यार्थियों से मास्क तैयार कराकर उन्हें व उनके परिजनों को मास्क वितरित कराए गए| सैनिटाइजर का उपयोग, सोशल एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग के बारे में जानकारी दी। श्रीमती साहू की लगन को देखते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा उन्हें स्टेट अप्रूवर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई जिसमें 3070 टीएलएम को वीडियो के माध्यम से देखकर 1672 सामग्री का अप्रूवल किया गया। उन्होंने आगे बताया  कि उनके पति गणेश प्रसाद साहू भी भोथली स्कूल में पदस्थ है| उन्होंने स्कूल में  नवाचार और  छात्रों  में  देश की सेवा के प्रति  जूनून और जज्बा पैदा करने के लिए  छात्रों को स्काउट गाइड,  एनएनएस से जोड़ा | आख़िरकार उनका यह प्रयास रंग लाया | उन्होंने बताया कि उनकी संस्था के 65 बच्चो को राज्यपाल और  2 बच्चों को राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुके है | यह संस्था  के  लिए गौरव की  बात है | उन्होंने बताया कि शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए और नवाचारी अभियान के लिए वर्ष 2016 में तात्कालीन  मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भोथली स्कूल को उत्कृष्ट  विद्यालय के लिए पुरस्कृत किया | 

ज्ञात हो कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज बंद है | मार्च 2020 के माहांत में कोरोना वायरस के संक्रमण एवं प्रसार को दृष्टिगत करते हुए देशभर में लाॅकडाउन लागू किया गया | ऐन परीक्षा के समय स्कूलों को बंद करना पड़ा |  कोरोना संक्रमण को देखते हुए  छात्रों को जनरल प्रमोशन का लाभ दिया  गया | वर्तमान में  शैक्षणिक सत्र 2000-21 भी प्रारंभ हो गया है किन्तु  कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने अभी स्कूल न  खोलने का निर्णय लिया है | वहीं विद्यार्थियों से पढ़ाई की श्रृंखला टूटने न पाए, इसके लिए राज्य शासन द्वारा पढ़ई तुंहर दुवार नाम से आनलाइन व वर्चुअल कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘पढ़ई तुंहर दुवार‘ के नाम से आनलाइन शिक्षा व शैक्षिक गतिविधियां संचालित करने का नवाचार लागू किया, जिसका जिले में सफलतापूर्वक व बेहतर ढंग से क्रियान्वयन किया गया। शिक्षकों ने भी आनलाइन पढ़ाई का तकनीकी प्रशिक्षण लेकर घर से ही सीजीस्कूल डाॅट इन के तहत वेबेक्स एप के माध्यम से वर्चुअल कक्षाएं संचालित की और स्थानीय वाॅलिंटियर्स के सहयोग से विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़े रखा। इसके तहत धमतरी जिले में शिक्षकों ने भी अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय देते हुए बच्चों की वर्चुअल क्लास लेकर उनकी शैक्षणिक निरंतरता को जारी रखा।