शरीर छूटता है, लेखनी रहती है शाश्वत, पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा ने ललित सुरजन को दी श्रद्धांजलि

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धमतरी | पत्रकारिता क्षेत्र के आधार स्तंभ तथा नवोदित पत्रकारों का सदैव मार्गदर्शन प्रदान करने वाले प्रदेश के मुखर पत्रकार व संपादक ललित सुरजन का देहावसान पत्रकारिता के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है| उक्त बाते नगर निगम के पूर्व सभापति तथा छःगः पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व सदस्य राजेंद्र शर्मा ने उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए कही है |

उन्होंने आगे कहा कि लेखन के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोग भले ही अपना भौतिक शरीर का त्याग करते हैं लेकिन साहित्य की धरातल पर अपनी लेखनी के कारण वे सदैव अमर हो जाते है |स्व. सुरजन जी की लेखनी भी उन्हें अनंत काल तक शाश्वत बना दिया है| पत्रकार जगत उनकी समृद्ध पत्रकारिता के माध्यम से दिये योगदान के लिए सदैव ऋणी रहेगा| उन्होंने सदैव समाज के सामने मुखरता व बेबाकी से अपने स्तंभों के माध्मम से समसमायिक विषयो को उठाया साथ ही वे सहित्य में शोध करने वाले एवं पत्रकारिता के छात्रों का समुचित मार्गदर्शन करते थे।

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