राज्य मे दुग्ध उत्पादकता को बढ़ाना और गुणवता  बनाये रखना मेरा मकसद – विपिन साहू

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धमतरी | भारत आज दूध उत्पादकता मे विश्व मे प्रथम स्थान पर है यह हमारे लिए गर्व की बात है देश मे स्वेत क्रांति के माध्यम से डॉक्टर वर्घीस कुरियन जी के द्वारा पुरे देश भर मे दूध की उत्पादकता और उसकी कमी को दूर करने का प्रयास सफ़लता को देख चुका है कुरियन जी एक सामाजिक कार्य कर्ता थे जिन्होंने किसानो को हो रही तकलीफ को ध्यान मे रखकर अपने दो साथियो के साथ मिलकर जिनका नाम त्रिभुवन दास पटेल, सरदार भाई पटेल सहकारिता शब्द को जोड़ा जिससे की किसानो की हो रही दुर्गति पर विराम लग गया और उनके सही दाम भी मिलने लगे सहकारिता संघ बनने के बाद पर्याप्त मात्रा मे दूध की उत्पादकता होने लगी और भरपूर मात्रा मे दूध मे पोषक तत्वों की जरूरतों का भी ध्यान रखा गया आज उसी स्वेत क्रांति का परिणाम है

जो हमारे देश मे निर्मित विकसित अमूल (आनंद) डेरी कंपनी आज विश्व भर मे सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली सूची मे दर्ज है और उसका 80% प्रतिशत मुनाफा सीधा सीधा किसानो तक पहुँचता है इसी का अर्थ है सहकारिता जिससे की एकता के साथ काम कर कर जरूरत मंद लोगो को मुनाफा दिलाना! आज इसी सोच और इसी जस्बे के साथ भूपेश बघेल जी के नेतृत्व मे राज्य दुग्ध संघ को भी नई आयाम तक ले जाने का सफल प्रयाश करेंगे हमारे राज्य को देश भर मे दूध उत्पादकता मे प्रथम श्रेणि मे लाने का काम करेंगे हमारा महत्वपूर्ण कार्य दूध की उत्पादकता को बढ़ाना ग्रामीणों की समस्या और वहाँ के बेरोजगारो को दूध के व्यापार मे ध्यान केंद्रित करना और सबसे महत्वपूर्ण बिंदु की नीयत दाम पर दूध लोगो तक पहुचे! किसानो को मोनोपॉली मार्केट से शोषण से रोकने का सबसे महत्वपूर्ण हथियार सहकारिता ही है हमे राज्य दुग्ध संघ को प्रख्यात बनाये रखने के लिए तीन चरण मे कार्य करना होगा प्रथम ग्रामीण इलाका वहाँ के किसानो को पशु रखने हेतु प्रतोत्साहित करना दूसरा जिला लेवल पर दूध को मार्केट मे पूरी शुद्धता के साथ मार्केट मे वितरित करना और तीसरा राज्य लेवल पर जब हम राज्य मे बनाई जा रहे दूध को हम दूसरे राज्यो मे करे तब हम हमारे राज्य की दूध की तुलना अमूल जैसे ब्रांड से कर पाएंगे जो आज सहकारिता संघ के द्वारा आज विश्व प्रख्यात ब्रांड बन चुका है |