मणिकंचन केंद्र में वर्मी कंपोस्ट बनाने समूह की महिलाएं जुटी, होगी अतिरिक्त आय

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भखारा | राज्य सरकार की महत्वकांक्षी गोधन न्योयाय जना के तहत पशुपालकों और किसानों से खरीदे गए गोबर से अब मणिकंचन केंद्र में वर्मी कंपोस्ट बनाने का सिलसिला शुरू हो गया है | यहां गठित गोठान समिति के सदस्यों एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं वर्मी टंकी में गोबर डालकर वर्मी कंपोस्ट तैयार करने में जुट गई है | नगर पंचायत के उप अभियंता भोजराज सिन्हा ने बताया कि नगर के मणिकंचन केंद्र में समूह की महिलाओं ने वर्मी कंपोस्ट खाद बनाना शुरू कर दिया है |

केंचुआ से खाद बनाने के लिए समूह की महिलाओं ने कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया है |नगर में गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों से गोबर की खरीदी की जा रही है| वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए गोबर तथा  घुरवा अपशिष्ट को आयताकार के पीट में डालकर रिफलिंग  किया जाता है उसमें उचित मात्रा में केंचुआ डाला जाता है | गोठान में वर्मी कंपोस्ट लगभग 90 दिनों में तैयार होगा| फिर यह पूर्ण रूप से वर्मी कंपोस्ट बनकर विक्रय के लिए उपलब्ध हो जाएगा | इस कार्य से समूह की महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी होगी | गोबर खरीदी केंद्र व्यवस्थापक बिंदु शर्मा ने बताया कि 1 सितंबर को ग्राम बोरझरा से 10000 का केंचुआ खरीद कर लाया गया है | इसे वर्मी कंपोस्ट के लिए गोबर में मिलाया गया है |मंगलवार को 4 क्विंटल गोबर खरीदा गया |आज दोपहर तक तीन क्विंटल गोबर खरीदा जा चुका है|