बिरसा मुंडा की वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता

103

नगरी |जनजाति गौरव समाज संगठन की जिला उपाध्यक्ष आदिवासी नेत्री व  जिला पंचायत सदस्य अनिता ध्रुव के नेतृत्व में जनजाति गौरव समाज संगठन ने ग्रामीणों के साथ आदिवासी जन नायक क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की जयंती मनाई। ग्रामीणों ने भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र में माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर बिरसा मुंडा के गौरवशाली इतिहास को व संघर्षों को याद किया।

अनिता ध्रुव ने बताया कि पूरे देश में बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। जनजाति बिरसा मुंडा को भगवान की तरह याद करते हैं। वे महान धर्मनायक व प्रभावी समाज सुधारक भी थे। बिरसा मुंडा की  वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। समाजिक न्याय जनजाति, संस्कृति, स्वर्धम के प्रति अटूट आस्था एवं राष्ट्रीय आन्दोलन में उनके अनूठे एवं विलक्षण योगदान के लिए न केवल जनजाति समाज बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति सदा उनका ऋणी रहेगा। बिरसा मुंडा केवल 25 वर्ष की आयु में ही देश को आजादी के सपने को देखा था और अंग्रेजों से लोहा लिया था | अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ जनजाति समाज को संगठित किया था। आज के युवाओं को बिरसा मुंडा से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर दशोदा ध्रुव, शांति बाई ध्रुव, राजिम नेताम, पदमा बाई, तीरथ बाई, चित्रारेखा बाई, निर्मला बाई, लीला बाई सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।