प्रत्येक गांव में 20-20 वाॅलिंटियर्स नियुक्त कर टीकाकरण के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करें-कलेक्टर

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कलेक्टर ने नगरी क्षेत्र का दौरा कर कोविड हाॅस्पिटल, वैक्सिनेशन सेंटर व आइसोलेशन सेंटर का किया निरीक्षण
धमतरी| कलेक्टर  जयप्रकाश मौर्य ने आज दोपहर नगरी क्षेत्र का दौरा करके कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने कोविड केयर सेंटर, टीकाकरण केन्द्र तथा ग्राम बेलरगांव व सांकरा में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर का दौरा कर अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक ग्राम में 20-20 वाॅलिंटियर्स नियुक्त कर टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने व ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने के लिए निर्देशित किया।

कलेक्टर ने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (मातृ-शिशु स्वास्थ्य केन्द्र) में स्थापित कोविड टीकाकरण केन्द्र का निरीक्षण किया, जहां पर टीका लगवाने आए लोगों से मिलकर उनसे चर्चा की। उन्होंने वैक्सिनेशन के लिए आए लोगों से कहा कि यह टीका तभी प्रभावी होगा जब उसके दोनों डोज लगाए जाएंगे, इसलिए कोविड के दोनों टीके लगाना अनिवार्य है। साथ ही घर जाकर अपने परिजनों, पड़ोसियों व ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने की भी बात कलेक्टर ने कही। इसके बाद वहां स्थापित डाटा सेंटर में जाकर डाटा एंट्री की जानकारी ली तथा टीकाकरण कर रहीं स्टाफ नर्स को कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए खुद को सुरक्षित रखकर अपनी ड्यूटी करने की बात कही। साथ ही प्रत्येक दिन के औसतन वैक्सिनेशन की भी जानकारी कलेक्टर ने ली। उसके पश्चात् पुराने अस्पताल भवन में स्थित कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया, जहां पर उन्होंने मौजूद स्टाफ, आॅक्सीजनयुक्त बेड की संख्या आदि के बारे में पूछा बीएमओ डाॅ. ठाकुर ने बताया कि कोविड सेंटर में सेंट्रल सप्लाई वाले छह बेड हैं तथा आॅक्सीजन काॅन्संट्रेटर है, इसके लिए छह अतिरिक्त आॅक्सीजन सिलेंडर है जो कि पर्याप्त है,

इस प्रकार यहां पर कुल 42 आॅक्सीजनेटेड बेड उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज 11 कोविड मरीज रिकवर होकर डिस्चार्ज हुए हैं। इसके उपरांत नगरी के बरगद चैक स्थित 250 सीटर आदिवासी कन्या छात्रावास में स्थापित किए गए कोविड केयर सेंटर का कलेक्टर ने औचक निरीक्षण कर वहां सेवा दे रहे स्टाफ को मरीजों के कक्ष में जाने से पहले पीपीई किट अनिवार्य रूप से पहनने के लिए कहा। साथ ही एसडीएम नगरी श्री जितेन्द्र कुर्रे को द्विआयामी संचार पद्धति (टू वे कम्युनिकेशन सिस्टम) तैयार करने के लिए निर्देशित किया जिससे मरीज और स्टाफ के बीच सीधी व प्रत्यक्ष बातचीत हो सके।
इसके उपरांत वापस सीएचसी नगरी आकर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व, पुलिस तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुभाग व ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों की बैठक लेकर लाॅकडाउन के दौरान शासन के आदेशों का अक्षरशः पालन करने संबंधी व आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक ग्राम में 20-20 युवकों का समूह तैयार कर उन्हें वाॅलिंटियर्स बनाकर टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने व कोविड के लाक्षणिक मरीजों की पहचान कर संबंधित मैदानी अमले को सूचित करने का काम करेंगे। साथ ही उनके द्वारा ग्रामीणों को मास्क पहनने, बार-बार साबुन से हाथ धोने व एक-दूसरे से पर्याप्त बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक संगठनों के सहयोग से लोगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। वाॅलिंटियर्स नियुक्ति का काम अगले 7 दिनों के भीतर पूर्ण करने के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया। इस अवसर पर उपस्थित जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री मयंक चतुर्वेदी ने भी नगरी ब्लाॅक में वैक्सिनेशन व रिकवरी दर की प्रशंसा करते हुए आगे भी बेहतर ढंग से कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने विकासखण्ड के ग्राम बेलरगांव व सांकरा में स्थापित आइसोलेशन सेंटर व वैक्सिनेशन सेंटर का आकस्मिक दौरा कर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों से चर्चा कर धनात्मक मरीजों को अनिवार्य रूप से आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कराने कहा जिससे मरीज के सम्पर्क के दायरे को न्यूनतम किया जा सके व अन्य लोगों को संक्रमण की चपेट में आने से बचाया जा सके। तदुपरांत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सांकरा में स्थित टीकाकरण केन्द्र का दौरा कर अब तक के टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली। केन्द्र प्रभारी ने बताया कि लक्ष्य के विरूद्ध अभी लगभग 200 लोगों का वैक्सिनेशन किया जाना शेष है, जिस पर कलेक्टर ने अगले तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत पात्र लोगों का टीकाकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लाॅक के इन दोनों बड़े ग्रामों में कोविड के संक्रमण को रोकने के लिए विशेष रूप से रणनीति तैयार कर कार्य करने के निर्देश स्वास्थ्य, पंचायत एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर एसडीएम, एसडीओ पुलिस, बीएमओ, तहसीलदार, बीपीएम सहित पंचायत विभाग के अधिकारीगण मौजूद थे।