पत्रकारों की स्वतंत्रता पर हमला, पत्रकार सुरक्षा कानून तत्काल लागू करें सरकार

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धमतरी | कांकेर में हुई वह बेहद निंदनीय और चिंतनीय है | प्रदेश के एक वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला को इस तरह सरे बाजार पीटा जाना भद्दी भद्दी गालियां दिया जाना यह दर्शाता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज लगभग शून्य हो चुकी है ।चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया के लोगों पर इस तरह अगर हमला किया जा रहा है तो आम आदमी का क्या होगा सोचनीय विषय है। पिछले दिनों महासमुंद जिले, रायगढ़ जिले, रायपुर जिले में भी घटनाएं हुई | आए दिन पत्रकारों के साथ घटनाएं हो रही हैं या उन्हें झूठे मामलों में फसाया जाता है । कांग्रेस की सरकार से पत्रकारों को उम्मीद थी कि सरकार शीघ्र अति शीघ्र पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करेगी लेकिन पत्रकार सुरक्षा कानून लागू ना होने की वजह से पत्रकार लगातार छत्तीसगढ़ में प्रताड़ित हो रहे हैं । कांकेर में हुई घटना के बाद जरूरत है कि पूरे प्रदेश के पत्रकार एक हो और अपने सम्मान की लड़ाई लड़ें ।
पत्रकारों की स्वतंत्रता पर यह हमला हुआ है | पत्रकारों पर होने वाले प्राणघातक हमले पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तुरंत ही पुलिस अधीक्षक व अफसरों को निर्देश देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें और साथ ही पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करें| 
सुधीर गुप्ता डीलक्स टाइम संपादक वरिष्ठ पत्रकार धमतरी

सरकार की नाकामियों को उजागर करने वाले समाचार को लेकर राजनीतिक दलों द्वारा पत्रकारों के साथ मारपीट व उन पर हमला करने जैसे कृत किए जाते हैं जो निंदनीय है| 
सुनील शर्मा वरिष्ठ पत्रकार धमतरी

आए दिन हर जिलों में इस तरह के असामाजिक तत्वों द्वारा चौक चौराहों पर पत्रकारों की पिटाई होना या उनकी हत्या हो जाना आम बात हो  गई  है | सरकार तुरंत ही पत्रकारों  को लेकर कानून सुरक्षा लागू करें|
रंजीत छाबड़ा वरिष्ठ पत्रकार धमतरी

पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेसी सरकार दम भरने वाली है |कोरोना वारियर के रूप में काम कर रहे है उसको कोई तवज्जो नहीं मिल रही  है |पत्रकार सुरक्षा तुरंत लागू करें सरकार|
एमएम फहीम वरिष्ठ पत्रकार धमतरी

कांकेर में पत्रकार शुक्ला पर हुए  हमले की कड़ी निंदा करता हूं| इस घटना से पत्रकारिता जगत आहत है |आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें ताकि इस घटना की पुनरावृत्ति न हो व सरकार पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कानून बनाए
माधवेंद्र हिरवानी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार

 

पत्रकार सुरक्षा कानून नहीं होने से आए दिन पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं |सरकार को तत्काल पत्रकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना चाहिए|

उमेश वशिष्ठ अध्यक्ष छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर. यूनियन धमतरी