निर्धारित दर से अधिक मूल्य में बेच रहे थे नमक भरना पड़ा जुर्माना

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धमतरी । सुबह से शहर के किराना दुकानों में रोज की तरह राशन खरीदने के लिए ग्राहकों भीड़ उमड़ी लेकिन नमक की किल्लत होने की चर्चाओं के बीच लोगो के द्वारा नमक की डिमांड ज्यादा देखी गई। जिसके चलते फुटकर किराना दुकानों में नमक का स्टॉक खत्म होने लगा है। इसके पश्चात पहुंचने वाले ग्राहकों को नमक नहीं मिल पाने से उन्हें लगने लगा कि नमक की किल्लत की खबर सच है। इस तरह यह खबर जिले में आग की तरह फैल गई की आने वाले दिनों में नमक नही मिल पायेगा इस तरह अफवाहों की खबर जैसे ही प्रशासन तक पहुची वो हरकत में आ गई और तुरंत दो किराना दुकानों में दबिश दी गई मिली जानकारी के अनुसार  कलेक्टर रजत  बंसल के निर्देशानुसार गठित संयुक्त जांच दल के द्वारा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगातार दबिश देकर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर आवश्यक वस्तुओं का विक्रय करने वाले

व्यवसायियों के विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज नगर की कतिपय दुकानों में नमक की कमी होने तथा अधिक मूल्य में बेचे जाने की शिकायत प्राप्त हुई। खाद्य विभाग, नापतौल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा नगर निगम के संयुक्त जांच दल द्वारा उक्त शिकायत पर संज्ञान लेते हुए नगर के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान सिहावा रोड पर स्थित मेसर्स गजानन किराना स्टोर्स तथा आदेश किराना स्टोर्स में दबिश दी गई, जहां पर आवश्यक वस्तु में शामिल नमक को

अधिकतम निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचा जाना पाया गया। उक्त दोनों दुकानों के संचालकों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई कर उनसे 3-3 हजार रूपए का जुर्माना वसूल किया गया। खाद्य अधिकारी ने बताया कि नमक की कमी के संबंध में उड़ाई गई अफवाह पर बताया गया कि नगरपालिक निगम क्षेत्रांतर्गत नमक की कोई कमी नहीं है तथा व्यापारियों के पास इसका पर्याप्त स्टाॅक उपलब्ध है। मांग के अनुरूप जिले में नमक की आपूर्ति सामान्य है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा सभी व्यापारियों को नमक के साथ-साथ अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने एवं निर्धारित मूल्य पर ही विक्रय करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि संयुक्त जांच दल के द्वारा बाजार में दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुएं जैसे चावल, दाल, आलू, प्याज, गेहूं, तेल, नमक, आटा आदि की उपलब्धता एवं कीमतों के संबंध में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सतत् औचक निरीक्षण कर इसकी जांच की जा रही है।