नया कृषि अध्यादेश बिल काला कानून के समान : सोमेश मेश्राम

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धमतरी | पार्षद सोमेश मेश्राम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार रिया चक्रवती, कंगना रणौत के मामलों को जिस तरह से घण्टो मीडिया में दिखाती है काश इतना समय ही किसानों के हालात बिल विरोधी आंदोलन को दिखाती| 5 जून 2020 जब देश कोविड 19  कोरोना  संकटकाल  से उबरने की कोशिश कर रहा था तब अचानक से अध्यादेश लेकर आ गये और आगामी सत्र में बिना चर्चे बिना सवाल जवाब के बिल पास कर लिया|

इस संकटकाल में अध्यादेश लाकर तीन बिल पास करवाना ये साबित करता है कि मोदी सरकार किसान विरोधी है | केंद्र की मोदी सरकार हर मुद्दे चाहे नो बंदी हो,जीएसटी हो, बालकोट हो, या ताली थाली हो नगाड़ा ढोल बजाकर प्रचार करती है | इस बिल के लागू होते ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (m s p) से लेकर मंडी की प्रणाली धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी | कृषि क्षेत्र पूंजीपतियों कारपोरेट घरानों के हाथों में चला जायेगा जिसका नुकसान सीधे मेहनतकश गरीब किसानों को होगा| एफसीआई मंडी से फसल खरीदी नही कर पायेगी | इसके साथ ही मंडी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी | कृषि क्षेत्रो का निजीकरण हो जाएगा।