नतीजों से पहले अमेरिका में हिंसा का डर, कई इलाकों में दफ्तर-दुकानें सील, बंदूक की रिकॉर्ड बिक्री

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वॉशिंगटन: दुनिया की नजरें भले ही अमेरिकी वोटरों पर हों लेकिन अमेरिकी जनता सहमी हुई है. ये सुनने में आपको अजीब लग सकता है कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश की जनता नतीजों को लेकर टेंशन में है. वॉशिंगटन से लेकर शिकागो तक में बड़े-बड़े शो रूम और मंत्रालयों, विभागों को प्लाईवुड से बंद किया जा रहा है. अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में रोशनी में नहाता व्हाइट हाउस अचानक अंधेरे में डूब जाता है. ट्रंप जैसे ही अपनी आखिरी रैली से लौटे व्हाइट हाउस में अंधेरा हो गया. इस वाक्ये ने अमेरिका राष्ट्रपति की सुरक्षा को आशंकाओं से भर दिया है. ये आशंका सिर्फ व्हाइट हाउस तक सीमित नहीं है, नतीजों से पहले सरकारी विभागों को प्लाई बोर्ड से ढंका गया है. मैग्नीफीशिएंट माइल फैशन स्ट्रीट शिकागो आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद में से एक है, लेकिन आजकल यहां पर बड़े-बड़े शो रूम के बाहर पुलिस की गाड़ियां खड़ी हैं. अमेरिका से आने वाली इन अप्रत्याशित तस्वीरों की वजह डॉनल्ड ट्रंप हैं जो अमेरिकी चुनावों का सबसे बड़ा मुद्दा हैं.

अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप को चुनाव जिताने या फिर उन्हें हराने के लिए वोटिंग हो रही है. ट्रंप को लेकर यही चुनावी जुनून अमेरिका के टेंशन की वजह है. आशंका है कि अगर डॉनल्ड ट्रंप जीते तो फिर अमेरिकी अश्वेत हिंसा कर सकते हैं और अगर डॉनल्ड ट्रंप हारे तो उनके समर्थक हंगामा कर सकते हैं. सीधी बात ये है कि चुनाव का रिजल्ट जो भी हो, अमेरिका में हिंसा की बात कही जा रही है. मैग्नीफीशिएंट माइल फैशन स्ट्रीट के जिन शो रूम पर लकड़ी का कवर लगाया जा रहा है वहां इसी साल अगस्त महीने में ही लूटमार हो चुकी है. अश्वेत लोगों ने दुनिया के मशहूर ब्रांड वाले इन शो रूम में घुसकर लूटमार और तोड़फोड़ की थी. हिंसा की ऐसी ही आशंका वॉशिंगटन में भी है, जहां इसी साल जॉर्ज फ्लोयड नाम के अश्वेत के बाद काफी हिंसा हुई थी. प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के बाहर आगजनी तक की थी. तभी से व्हाइट हाउस की सुरक्षा को बेहद कड़ा कर दिया गया है, उसके बाहर लोहे की बाड़ लगा दी गई है. व्हाइट हाउस के पास अमेरिकी मंत्रालय के बाहर कांच पर प्लाईबोर्ड लगाया गया है. अमेरिका में असुरक्षा की भावना का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि चुनाव से पहले रिकॉर्ड बंदूकों की बिक्री हुई है. बंदूक खरीदने वाले 50 लाख लोगों ने बताया कि उन्होंने जिंदगी में पहली बार अपने हाथ में बंदूक थामी है. अमेरिका में हर 100 नागरिक पर 120.5 बंदूकें हैं. जिसने नतीजे के दिन एकतरफा नतीजा आने पर हिंसक झड़प और गृहयुद्ध का खतरा पैदा होने की आशंका को बढ़ा दिया है.