दो साल से नहीं मिली आरटीई की राशि, निजी विद्यालय संघ का चार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन 

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धमतरी | आरटीई राशि का भुगतान एवं निशुल्क पाठ्यपुस्तक की मांग को लेकर निजी विद्यालय संघ मुखर हो गया है| संघ का कहना है कि राशि के अभाव में स्कूलों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है | 4 सितंबर को  कलेक्टर को  मुख्यमंत्री  के नाम ज्ञापन सौंपा  जायेगा | इस संबंध में निजी विद्यालय संचालक कल्याण  संघ के उपाध्यक्ष विनोद पांडे ने बताया कि शासन द्वारा प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम से कक्षा पहली से दसवीं तक जून माह में निशुल्क पाठ्यपुस्तक प्रदान की जाती है लेकिन सत्र 2020- 21 में शासन ने सिर्फ शासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों को ही पाठ्य पुस्तकें वितरित की है |

निजी स्कूलों को सत्र प्रारंभ हुए 3 माह बीत जाने के बाद भी पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं  हो पाई है |उन्होंने आगे कहा कि शासन एक ओर  शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करता  है तो दूसरी ओर बच्चों को पाठ्य पुस्तक प्रदान न कर उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा  है| पुस्तके  नहीं मिलने से  बच्चों की ऑनलाइन क्लास भी प्रभावित हो रही है | शासन द्वारा आरटीई के तहत प्रवेश बच्चों की सत्र 2019-20 एवं 2020- 21 की राशि भी निजी विद्यालयों को नहीं मिली है जिससे संचालकों को विद्यालय संचालित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है |उन्होंने आगे बताया कि आरटीई की जो राशि स्कूलों को प्रदान की जाती है |उसमें से बच्चों को भी स्कूलों द्वारा एक निर्धारित राशि का भुगतान किया जाता है लेकिन स्कूल संचालकों को राशि प्राप्त नहीं होने के कारण छात्रों को भी भुगतान नहीं किया जा सका है |निजी विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ ने शासन से मांग की है कि शासन जल्द से जल्द निशुल्क पुस्तकें एवं 2 वर्षों की आरटीई की राशि का भुगतान करें | इस संबंध में 4 सितंबर को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा|