दीदी मड़ई का आयोजन एक मार्च को नगरी में

449
महिला स्व सहायता समूहों के सदस्यों द्वारा तैयार सामग्रियों और गतिविधियों की लगेगी प्रदर्शनी
8 से 10 हजार महिलाओं के शामिल होने की संभावना

धमतरी| राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा राज्य शासन की बिहान योजना के तहत गठित महिला स्व सहायता समूहों की नगरी विकासखण्ड स्तरीय महानदी महिला संघ एवं सहयोगी संस्था ’प्रदान’ द्वारा रविवार एक मार्च को वृहद दीदी मड़ई का आयोजन किया जा रहा है। नगरी के श्रृंगी ऋषि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में दोपहर 12 बजे से यह दीदी मड़ई आयोजित होगी। गौरतलब है कि बिहान योजना के तहत नगरी विकासखण्ड में 2107 महिला स्व सहायता समूह गठित हैं, जिसमें 24 हजार से अधिक महिला सदस्य हैं। इस दीदी मड़ई में इन महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए सामानों और उनकी गतिविधियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
यहां के समूहों द्वारा कपड़ा सिलाई, मोमबत्ती, साबून, डिटर्जेंट, गांव में डेली नीड्स के सामग्री बेचने, मछली पालन, मिनी हाॅलर मिल, ’बिहान’ केंटिन, रेडी-टू-ईट, सेंट्रिंग प्लेट, टेंट हाउस, दोना-पत्तल, मशरूम उत्पादन जैसे कार्य किए जा रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि दीदी मड़ई नगरी क्षेत्र के महिलाओं की संस्कृति का वर्ष 2011 से अभिन्न अंग बन चुका है। हर साल इस मेले का आयोजन महिलाएं खुद करती हैं, वे सभी 20-20 रूपए का योगदान कर मंच लेकर हर व्यवस्था की जिम्मेदारी उठाते हुए साल भर किए गए सार्थक प्रयासों और सफलताओं का जश्न इस मड़ई के माध्यम से मनाती हैं। दीदी मड़ई में अलग-अलग गांव की महिलाएं एक दूसरे से मिलकर अपने अनुभव को साझा करने के अलावा अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी समूह से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। रविवार को आयोजित होने वाले दीदी मड़ई में ना केवल महिला समूहों के स्टाॅल लगाए जाएंगे, बल्कि विभिन्न विभागों द्वारा स्टाॅल लगाकर उपस्थितों को शासन की योजनाओं से जुड़कर आयमूलक गतिविधियों को अपनाने प्रेरित किया जाएगा।

’महानदी महिला संघ’ एक नजर में

नगरी विकासखण्ड के 102 ग्राम पंचायतों के 222 गांवों में 2107 स्व सहायता समूह गठित हैं। यह समूह पिछले कई सालों से महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिए सुचारू रूप से प्रयासरत है। इन्हीं समूहों का संगठन महानदी महिला संघ के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में इस संघ में 24077 से अधिक महिलाएं जुडकर महिला सशक्तिकरण, ग्राम़ीण विकास, सामाजिक विकास की इबारत लिख रहीं हैं। वृहद भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए महिला समूह ने हर 300-400 समूह पर एक संकुल बनाया है, जिससे कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक संघ के उद्देश्य पहुंच सके। गौरतलब है कि यहां कुल पांच संकुल बनाए गए हैं। महानदी महिला संघ का उद्देश्य अति पिछड़े वर्ग के समुदाय को समूह के माध्यम से मुख्य धारा से जोड़ने, आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने, महिलाओं की ग्राम सभा में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने, कुपोषण मिटाने के लिए जनजागरूकता लाने, स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने, शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए विभिन्न विभागों, सामाजिक संस्थाओं और गैर सरकारी संगठनों से उचित तालमेल बैठाने के अलावा समाज में उपस्थित असमानताओं को मिटाने का प्रयास है।

RAJESH RAICHURA – 9425505222